बच्ची की मां से पूछा- दवाएं तो बाजार नहीं लानी पड़ती
दूसरे बेड पर गए तो यहां बिचपुरी पथौली की सुमन अपनी बच्ची आयूषी के साथ बैठी थी। अपर मुख्य सचिव ने उनसे पूछा कि खाना-पीना मिलता है कि नहीं, उपचार सही चल रहा है, दवाएं बाजार से तो नहीं लानी पड़ती हैं। डायटीशियन ललितेश शर्मा से शिशु की सेहत का हाल पूछा तो उन्होंने बताया कि ये एक साल की बच्ची है, आठ दिन पहले जब भर्ती हुई थी तब इसका वजन 4.6 किलो था, अब पांच किलो हो गया है।
अपर मुख्य सचिव ने किचन का भी हाल देखा। यहां पर नाम नहीं लिखा था, इस पर डीएम ने बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। पीकू वार्ड के बारे में पूछा कि कोई बच्चा भर्ती हुआ था कि नहीं। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि इसकी नौबत नहीं आई।
एक्सरे-सीटी स्कैन को लगी भीड़, कैसे करते हैं व्यवस्था
अपर मुख्य सचिव ने सीटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड कक्ष का भी निरीक्षण किया। यहां पर मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। प्रमुख अधीक्षक से पूछा कि इतनी भीड़ कैसे व्यवस्थित करते हैं। प्रमुख अधीक्षक ने बताया कि निशुल्क सेवा होने के कारण मरीजों की भीड़ रहती है। एक चिकित्सक को 60 से 80 एक्सरे-सीटी करने पड़ते हैं। ओपीडी में भी रोजाना औसतन तीन हजार मरीज आते हैं।