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UP: जमीन अधिग्रहण का विरोध...एडीए के बुलडोजर के आगे लेटीं महिलाएं, बैरंग लाैटी एडीए की टीम

Tue, 14 Oct 2025 11:00 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

किसानों का आरोप है कि एडीए बिना मुआवजा दिए ही उनकी जमीन पर कब्जा करना चाह रहा है। विरोध के दौरान सुरक्षाकर्मियों और किसानों में तीखी नोकझोंक हुई। पांच घंटे चली वार्ता के बाद भी किसान बिना मुआवजा मिले जमीन छोड़ने को राजी नहीं हुए। 
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प्रदर्शन करती महिलाएं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के रहनकला और रायपुर में मंगलवार को अधिगृहीत जमीन पर कब्जा लेने पहुंची आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की टीम और किसानों के बीच विवाद हो गया। चार गुना मुआवजे की मांग पर गांव की महिलाएं एडीए के बुलडोजर के आगे लेट गईं। पुलिस-पीएसी व प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में पांच घंटे तक चले हंगामे के बाद टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
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एडीए ने वर्ष 2009 में रहनकला और रायपुर गांव के सैकड़ों किसानों की करीब 449 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया था। किसानों का कहना है कि अब तक उन्हें ठीक से मुआवजा नहीं दिया गया। इसको लेकर किसान वर्ष 2024 में यमुना एक्सप्रेसवे की एक लेन बंद कर नौ दिन तक धरने पर बैठे थे। तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को चार गुना मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

मंगलवार को संयुक्त सचिव एडीए सुरेंद्र बहादुर टीम के साथ जमीन पर कब्जा लेने पहुंच गए। लोगों के विरोध पर एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह, तहसीलदार देवेंद्र प्रताप सिंह, एसीपी देवेश कुमार भी दलबल के साथ पहुंचे, लेकिन किसानों ने उनकी एक न सुनी। किसानों का आरोप है कि एडीए बिना मुआवजा दिए ही उनकी जमीन पर कब्जा करना चाह रहा है। विरोध के दौरान सुरक्षाकर्मियों और किसानों में तीखी नोकझोंक हुई। पांच घंटे चली वार्ता के बाद भी किसान बिना मुआवजा मिले जमीन छोड़ने को राजी नहीं हुए। अंत में एडीए के अधिकारी बिना कार्रवाई किए चले गए।
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किसान गुटों की चेतावनी, जबरदस्ती की तो करेंगे घेराव
किसान संगठन भी किसानों के पक्ष में आ गए हैं। भारतीय किसान यूनियन भानु और टिकैत गुट के नेताओं ने किसानों का खुलकर समर्थन किया है। दोनों गुटों के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासनिक अमले ने जोर-जबरदस्ती कर जमीन कब्जाने की कोशिश की तो किसानों के साथ एडीए कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

 

जिला स्तरीय कमेटी के फैसले के बाद होगी कार्रवाई
अधिगृहीत भूमि पर कब्जे की कवायद के बीच हुए हंगामे के बाद एडीए बैकफुट पर आ गया है। एडीए के संयुक्त सचिव सुरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि 76 फीसदी किसानों को मुआवजा वितरित हो चुका है। कुछ किसानों ने अधिग्रहण से पहले जमीनों के किसी और को बैनामे कर दिए थे। ऐसे में जिला स्तरीय कमेटी फैसला करेगी कि मुआवजा बैनामा धारकों को दिया जाए या फिर मूल काश्तकार को। निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 
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बननी है 4000 मकान की आवासीय योजना
रहनकला और रायपुर के जिस भूभाग को करीब दो हजार से ज्यादा किसानों से खरीदकर अधिगृहीत किया जा रहा है, उस पर एडीए रहनकला रायपुर आवासीय योजना बनाएगा। इस योजना में करीब 4000 मकान लोगों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

 
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