आगरा के टीला माईथान जैसी घटना फिर न हो, इसके लिए आगरा विकास प्राधिकरण ने जिम्मेदारियां तय की हैं। प्राधिकरण ने मिट्टी खनन की मात्रा तय करने और इसकी जांच के लिए अपने इंजीनियरों की सूची तैयार की है। ये इंजीनियर प्रशासन की टीम का हिस्सा होंगे।
प्राधिकरण की सचिव गरिमा सिंह ने एडीएम सिटी को खनन मामलों में जांच के लिए अपने इंजीनियरों के नाम की सूची भेजी है। इनमें छत्ता वार्ड में इमरान हबीब अंसारी, कोतवाली में उदय नारायण पांडेय, रकाबगंज में मनोज कुमार राठौर, ताजगंज में पंकज शुक्ला व विजेंद्र सिंह, लोहामंडी व फतेहपुर सीकरी में राजकपूर व धर्मवीर बंसला, शाहगंज में राजीव गोविल, हरीपर्वत प्रथम में एसके सोलंकी, हरीपर्वत-द्वितीय में मनोज मिश्रा और हरीपर्वत-तृतीय में केपी सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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बारिश में फिर हो रही घरों की चिंता
टीला माईथान में बेसमेंट में मिट्टी खनन के कारण गिरे मकानों की घटना के बाद पीछे बने 30 घरों के लोग लौट आए हैं। पर, दो दिन से हो रही बारिश ने उनकी नींद उड़ा दी है। घरों में चटकन और दीवारों पर ही उनकी नजर है। बेसमेंट में मेट्रो ने मिट्टी और मलबा तो डाल दिया लेकिन बारिश के कारण पीछे कटान न हो और उनके मकानों तक इसका असर न पहुंचे, यह डर उन्हें सता रहा है। गली में रहने वाले अपने मकानों की छत और दीवारों में दरार पर नजर रखे हुए हैं।