अवैध निर्माणों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शहर में अवैध और मानचित्र के विपरीत तन रहे कंक्रीट के ढांचों पर आवास एवं विकास परिषद ने बृहस्पतिवार को बड़ी कार्रवाई की। सिकंदरा योजना में कब्जाधारकों व अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई की गई। अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार सिंह के निर्देशन में चली इस कार्रवाई में कई संपत्तियों को सील और कुछ को ध्वस्त किया गया।
प्रवर्तन दल के अधिकारी कर्नल जीएम खान ने बताया कि सबसे बड़ी कार्रवाई सेक्टर-4 में हुई। यहां संपत्ति संख्या 721/1 में पूर्व में सील की गई हिटाची कैश मैनेजमेंट कंपनी की सील को नियमों के विरुद्ध तोड़कर अवैध रूप से काम संचालित किया जा रहा था। इतना ही नहीं, इसी परिसर में एक कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी भी चल रही थी। टीम ने यहां आंशिक ध्वस्तीकरण की। भूस्वामी को अल्टीमेटम दिया कि दो दिन के भीतर पूरा अवैध हिस्सा खुद हटा लें, वरना प्रशासन दोबारा बुलडोजर चलाएगा।
वहीं, अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के नेतृत्व में टीम ने सेक्टर-7 स्थित संपत्ति संख्या 123 रोशन पैलेस और सेक्टर-9 की निर्माणाधीन संपत्ति संख्या 94 पर भी नक्शे के विपरीत किए गए निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे विरोध करने वालों के हौसले पस्त नजर आए।
अब नहीं मिलेगी मोहलत
अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया कि मेरठ प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद अब किसी भी अवैध निर्माण को रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जो लोग नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कर रहे हैं, वह अपने निर्माण कार्यों को स्वीकृत नक्शे के अनुरूप कर लें, अन्यथा ध्वस्तीकरण का खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा।
निजी अस्पतालकर्मियों से हुई नोकझोंक
कार्रवाई के दौरान कई जगह संपत्ति मालिक व अधिकारियों में नोकझोंक भी हुई। आवास विकास की टीम बुलडोजर के साथ सेक्टर-5 स्थित एक निजी अस्पताल की नई बिल्डिंग पर कार्रवाई के लिए पहुंची। यहां टीम का बुलडोजर जैसे ही आगे बढ़ा, अस्पताल प्रबंधन के लोग बुलडोजर के आगे खड़े हो गए। इस दौरान अस्पतालकर्मियों ने मनमानी व वसूली के आरोप लगाए। अफसरों के न मानने पर कर्मियों ने एक पत्र दिखाते हुए अवैध निर्माण की कंपाउंडिंग के लिए पहले से आवेदन विचाराधीन होने की बात कही तो टीम बैरंग लौट गई। अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि जब वह जुर्माना भरने को तैयार हैं तो कार्रवाई का दबाव नहीं बनाना चाहिए।