राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की फटकार के बाद प्रदेश के 15 शहरों की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए बनाए गए एक्शन प्लान में शनिवार को प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने ‘आगरा क्लीन एयर एक्शन प्लान’ का शुभारंभ किया। वो एक्शन प्लान को लागू कराने के लिए हर महीने समीक्षा करेंगे। आब-ओ-हवा में सुधार के लिए प्रदेश सरकार कई नियम कानून और गाइड लाइन भी तैयार करा रही है जो जल्द ही घोषित की जाएंगी।
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होटल आईटीसी मुगल में एयर एक्शन प्लान लांच करने के मौके पर मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने कहा कि आगरा जीवंत शहर है, जहां पर्यावरण और विकास दोनों का साथ चलना जरूरी है। इस एक्शन प्लान के जरिए आगरा को मॉडल बनाया जाएगा, ताकि दूसरे शहर इसका अनुकरण कर सकें।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के सलाहकार केशव वर्मा, मेयर नवीन जैन, नगर विकास प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह, शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव वीके जिंदल, यूएनईपी के कंट्री हेड अतुल बगई, यूएनडीपी की प्रतिनिधि शोको नोडा, कमिश्नर अनिल कुमार और सीपीसीबी के सदस्य सचिव प्रशांत भार्गव मौजूद रहे।
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एक्शन प्लान की खास बातें
- सार्वजनिक परिवहन में एक साल में इलेक्ट्रिक बसें चलाएंगे
- शहरी क्षेत्र में 33 फीसदी फारेस्ट कवर करेंगे, जो अभी 6 % है
- एनएचएआई को शहर के बाहर से बाईपास, रिंग रोड बनाना होगा
- शहर में ट्रैफिक जाम से बचने के लिए पेरिफेरल रोड का निर्माण
- नगर निगम, विकास प्राधिकरण बनाएं मल्टीलेवल पार्किंग
- बीएस-6 ईंधन आने के बाद डीजल वाहनों में फिल्टर उपलब्ध कराना
इन कदमों को तुरंत उठाएंगे
- कूड़ा, बायो मास, पत्तियां जलाने पर रोक का अभियान
- सड़कें चौड़ी करने, जाम मुक्त करने का इन्फ्रास्ट्रक्चर
- प्रदूषण दूर करने को खास पौधों की प्रजातियों को लगाना
- एसटीपी के पानी से पौधों की सिंचाई, धूल पर छिड़काव करें
- दो साल से ज्यादा प्लॉट खाली न रखें, पौधारोपण अनिवार्य
- भवन निर्माण सामग्री कवर करने तथा उस पर पानी का छिड़काव
इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी, फुब्बारे लगेंगे
कार्यक्रम में संबोधित करते मुख्य सचिव
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 640 इलेक्ट्रिक बसें आ रही हैं, जिनमें 100 बसें आगरा को दी जाएंगी। इसके लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सुधार के साथ बायो-फ्यूल और एथनॉल के इस्तेमाल को बढ़ाया जाएगा।
उद्योगों से होने वाले प्रदूषण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, वहीं निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों के कारण होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण में सख्ती की जाएगी। मेयर नवीन जैन ने बताया कि शहर के चार चौराहों पर जल्द ही फुब्बारे लग जाएंगे, जो धूल कणों में कमी लाएंगे।
राजस्थान की धूल के लिए लगाए पौधों की दीवार
मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान से सटे होने के कारण धूल भरी आंधियों से धूल कण आगरा आते हैं। इसके निदान के लिए पौधों की दीवार बना दें। प्रदेश सरकार 22 करोड़ पौधे इस साल लगाएगी, जिसमें एक करोड़ पौधे टीटीजेड में लगाएंगे।
हवा की दिशा के आधार पर वन विभाग पौधों को लगाए ताकि आंधी में यह उखड़ें नहीं। पहली बार वन विभाग की नर्सरी से ही सभी पौधे लगाए जाएंगे। पेड़ लगाने के साथ उसे जीवित रखने पर जोर दिया जाएगा उन्होंने प्राइवेट सेक्टर से 50 इलेक्ट्रिक बसें देने, प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग का आह्वान किया।
मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए पॉलिसी लाई जा रही है। इसी तरह सीवेज पॉलिसी बनाई गई है। बायो मेडिकल वेस्ट के लिए कोई पॉलिसी नहीं। नियम तो हैं, लेकिन उन पर अमल नहीं किया जा रहा।
इसलिए नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने पहल करते हुए मॉडल बाइलॉज, पॉलिसी, एसओपी बनाए हैं ताकि प्रदेश के सभी नगर निगम उनका पालन करें। जवाबदेही और जिम्मेदारी केसाथ नियमों का पालन कराएंगे। सभी विभाग प्रदूषण नियंत्रण पर काम करें, बजट की कोई कमी नहीं है।