मैनपुरी। विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायत कल्होर पुवां में शौचालय निर्माण में हुए घोटाले में प्रशासन ने प्रधान के अधिकार सीज कर दिए हैं। साथ ही गांव के विकास कार्यों का जिम्मा तीन सदस्यीय समिति को दिया गया है। 15 दिन में घोटाले की धनराशि जमा न करने पर प्रधान पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
ग्राम पंचायत कल्होर पुवां के गांव कंजाहार निवासी श्यामकिशोर यादव ने शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़े की शिकायत की ती। जांच में पता चला कि ग्राम पंचायत में कुल 250 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इनमें से अधिकांश शौचालयों में एक ही शोकपिट का निर्माण कराया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार शोकपिट न बनाकर प्रधान अजब सिंह ने लगभग 5.99 लाख रुपये का गबन कर लिया। इसके साथ ही जो शौचालय बने हैं उनका भी निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं है।
जांच रिपोर्ट आने पर तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा ने कार्रवाई की संस्तुति की थी। इस पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने 19 मार्च को ग्राम प्रधान अजब सिंह को पंचायती राज अधिनियम की धारा 95जी के तहत नोटिस जारी किया था। जवाब आने पर उसका परीक्षण किया गया, लेकिन जवाब सही नहीं मिला। इस पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने शुक्रवार को ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए। साथ ही रिकवरी के भी आदेश दिए हैं। उनके स्थान पर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें मूलचंद, सियाराम और आलोक को शामिल हैं।
जिलाधिकारी के आदेश से ग्राम पंचायत कल्होर पुवां के प्रधान के अधिकार सीज कर समिति का गठन किया गया है। धनराशि जमा न करने पर एफआईआर कराई जाएगी।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।