बचपन में माता-पिता का साया सिर से उठ गया। पालन-पोषण का जिम्मा चाचा-चाची ने उठाया। लेकिन अपने ही हर दिन गैरों सा व्यवहार करने लगे। कभी चिमटे से मारा तो कभी डंडों से फिर भी मन न भरा तो काम सिखाने के बहाने आगरा लाकर छोड़ गए।
बाल कल्याण समिति के पास सोमवार को बिहार के सहरसा निवासी बच्ची को पुलिस ने पेश किया। बच्ची अनुष्का ने बताया कि काम सिखाने के नाम पर चाचा-चाची आगरा लेकर आए थे। चाचा-चाची के 6 बच्चे पहले से हैं। उनका कहना था, आगरा चलकर काम करेंगे और दो पैसे कमाएंगे। आइसक्रीम खरीदने के लिए भेजा और लापता हो गए। शमसाबाद की एक आंटी ने अपने घर में पनाह दी है।
समिति अध्यक्ष मोनिका सिंह ने बताया कि अभी बच्ची को वन स्टॉप सेंटर काउंसिलिंग के लिए भेज रहे हैं। इसके चाचा-चाची का पता लगा आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि बच्ची चाचा-चाची के पास वापस जाना नहीं चाह रही है।