आगरा में एसिड अटैक पीड़िताओं के पुनर्वास के लिए शहर में चल रहे शीरोज हैंगआउट कैफे से जुड़ी रूपा को भारत सरकार की ओर से विश्व महिला दिवस के मौके पर नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मान के लिए चुना गया है।
रूपा ने यह उपलब्धि हासिल कर समाज में महिला सशक्तिकरण के लिए सच्ची मिसाल पेश की है। मुजफ्फरनगर निवासी रूपा पर 2008 में उनकी सौतली मां ने जमीन हड़पने के लिए तेजाब से हमला कर चेहरा जला दिया था।
उस वक्त वह मात्र 14 साल की थी। आठवीं तक पढ़ाई करने वाली रूपा बताती हैं कि उन्हें बचपन से फैशन डिजायनिंग का शौक था। हमले के बाद 2013 में उन्होंने फरीदाबाद के एक इंस्ट्टीयूट फैशन डिजायनिंग का कोर्स किया।