विशेष न्यायालय एनआईएक्ट के पीठासीन अधिकारी अरविंद कुमार यादव ने चेक बाउंस के आरोपी गौरव प्रकाश श्रीवास्तव को ठोस साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए। यह न्यू आगरा थाना क्षेत्र के चंद्र नगर निवासी हैं।
आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वर्ष 2016 में आरोपी का बैंक खाता बंद हो गया था। उन्होंने 2016 में ही चेक स्टॉप पेमेंट लगा दिया था। ऐसे में वादी ने वर्ष 2018 में चेक बाउंस का मुकदमा किया। यह तर्कसंगत नहीं है।
न्यू आगरा थाना क्षेत्र के न्यू कौशलपुर निवासी कुलदीप त्रिवेदी ने वाद दायर किया था। आरोप लगाया कि परिचित गौरव श्रीवास्तव ने 1 जनवरी 2018 को एक लाख रुपये उधार लिए थे। 5 महीने में वापस करने का वादा था। तगादा करने पर आरोपी ने 1 मई 2018 को बैंक ऑफ इंडिया की लॉयर्स काॅलोनी शाखा का एक चेक दिया, जो बाउंस हो गया।