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दस वर्ष पहले किया था ये जुर्म, अब बन गया था मैकेनिक, पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार

Tue, 17 Apr 2018 09:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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अपहरण का आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के सदर के बुंदू कटरा से दस साल पहले हुए मिठाई व्यवसायी के अपहरण के मामले में फरार आरोपी रामदीन गुर्जर उर्फ बरसाने को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 
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उस पर दस हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। वह राजस्थान के बदमाश रामसहाय गुर्जर का भाई है। रामसहाय जेल में बंद है। इंस्पेक्टर थाना सदर ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त रामदीन मौरोली, धौलपुर का निवासी है। 

परिवार हाल में गुर्जर कॉलोनी निकट मेला ग्राउंड, धौलपुर में मकान बनाकर रह रहा है। 30 अप्रैल, 2008  को मिठाई व्यवसायी रामू गोस्वामी ने पिता अशोक गोस्वामी (निवासी नगला भूरी सिंह, बुंदू कटरा, सदर) की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 
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बाद में उनके अपहरण किए जाने की बात सामने आई। उन्हें छोड़ने के लिए बदमाशों ने एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। चार मई, 2008 को गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम किया गया। 

फिरौती दिए जाने के बाद अशोक गोस्वामी को मुक्त किया गया। मामले में दो अभियुक्त के नाम सामने आए। इनमें राम सहाय गुर्जर और उनका भाई कल्ला गुर्जर भी शामिल था। 

दोनों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। रामसहाय गुर्जर करौली, राजस्थान की जेल में बंद है। रामसहाय के तीसरे भाई रामदीन का नाम भी अपहरण के मामले में सामने आया था। उसकी दस साल से तलाश की जा रही थी।
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गैंग बीहड़ में वसूलता था फिरौती

शनिवार रात पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली में रह रहा था। बिजली मैकेनिक बन गया था। अपनी पत्नी और एक बेटे को भी ले गया था। 

एक बेटा धौलपुर स्थित मकान में रहता है। इंस्पेक्टर थाना सदर ने बताया कि रामसहाय गुर्जर ने धौलपुर के बीहड़ में अपना गैंग बना रखा था। 

अपहरण के बाद लोगों को बीहड़ में रखा जाता। इसके बाद फिरौती वसूल की जाती। पुलिस के पहुंचने से पहले गैंग छिप जाता था। रामसहाय पर कई मुकदमे दर्ज हैं। 
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