मलपुरा के गांव में पंचायत ने सुनाया तुगलकी फरमान, जबरन कराया समझौता
हेड : दबंग आरोपी को माफी, पीड़ित परिवार को गांव निकाला
युवती की इज्जत पर हाथ डालने के आरोपी युवक को पंचायत में इसलिए माफी दे दी गई क्योंकि गांव में आरोपी की बिरादरी का दबदबा है। युवती के पिता ने पंचायत के फैसले का विरोध किया तो पंचों ने पीड़ित परिवार को ही गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया। पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली भी शर्मनाक रही।
मामला थाना मलपुरा की चौकी ककुआ के एक गांव का है। गांव में अल्पसंख्यकों का एक ही परिवार है। सोमवार रात तकरीबन साढ़े 11 बजे एक युवक उनके घर में कूद गया। उसने अकेली सो रही युवती को दबोच लिया और रेप की कोशिश की। युवती के विरोध करने पर उससे मारपीट की। शोर सुनकर घरवाले जागे तो आरोपी धमकी देकर भाग निकला। मंगलवार को युवती के घरवालों ने चौकी ककुआ में आरोपी युवक के खिलाफ तहरीर दी। पीड़ित परिवार ने बताया कि दो घंटे बाद दरोगा गांव आया और तहरीर वापस करके राजीनामा करने की सलाह दी।
बुधवार को आरोपी युवक के परिवारीजनों की पहल पर पंचायत हुई। पंचायत में पंचों ने पीड़ित परिवार के लोगों को समझाया कि उनका गांव में अकेला ही परिवार है। अगर पुलिस में जाओगे तो पूरे गांव की बदनामी होगी। गांव की बदनामी होने पर तुम्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। भलाई इसी में है कि राजीनामा कर लो। वरना गांव छोड़कर चले जाओ। अगर गांव नहीं छोड़ोगे तो गांव के लोग रहने नहीं देंगे। कितने लोगों की थानों में शिकायतें करोगे। पंचायत के तुगलकी फरमान के चलते मजदूर परिवार दबाव में आ गया। पंचों ने जबरन समझौता करा दिया। इस संबंध में चौकी प्रभारी ककुआ से पूछा गया तो उनका कहना था कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है।