50 हजार रुपये के इनामी दुष्कर्म आरोपी करतार सिंह को पकड़ने में पुलिस नौ साल नौ महीने से जुटी है, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। छह राज्यों में तलाश और कई जगह दबिश के बाद अब पुलिस आरोपी के अलग-अलग हुलिए की AI तस्वीरें तैयार कर पहचान के प्रयास कर रही है।
नौ साल और नौ महीने...यह एक लंबा वक्त होता है लेकिन पुलिस बेबस है। वहीं एक शातिर अपराधी के लिए यह लंबा समय पुलिस को चकमा देने का जरिया बन गया है। मामला है 50 हजार के इनामी दुष्कर्म आरोपी करतार सिंह का, जो आगरा पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। अब इसे दबोचने के लिए पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का सहारा ले रही है।
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यह है पूरा मामला
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, मूलरूप से टूंडला, फिरोजाबाद का निवासी करतार सिंह नरायच में रहता था। उस पर फरवरी 2013 में थाना एत्माद्दौला में 14 वर्षीय किशोरी के अपहरण का मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने तमाम कवायद के बाद किशोरी को ढूंढ़ निकाला, जिसके बयानों के बाद दुष्कर्म की धाराएं जोड़ी गईं। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। इसी बीच ट्रायल शुरू हो जाने से अप्रैल 2016 में कोर्ट ने उसे अपहरण के मामले में साढ़े तीन साल की सजा सुना दी। 1 सितंबर 2016 को सजा पूरी होने के बाद वह जेल से रिहा हो गया लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू हुआ।
हाईकोर्ट का आदेश और पुलिस नाकाम
रिहाई के बाद अभियोजन पक्ष ने दुष्कर्म के मामले में सजा बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिसंबर 2016 में हाईकोर्ट ने करतार सिंह को अदालत में तलब करने के सख्त निर्देश दिए। जब पुलिस उसे तलाशने निकली तो वह भाग चुका था। वह अविवाहित होने की वजह से परिजन के संपर्क में नहीं था, इससे कोई सुराग नहीं मिल रहा था। थक-हारकर 21 जनवरी 2018 को पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया।
कई राज्यों की खाक छानी, चिपकाए पोस्टर
जिले की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां से मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमाएं चंद दूरी पर ही मिलती हैं, जबकि दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की दूरियां भी ज्यादा नहीं हैं। पुलिस को शक था कि करतार इन्हीं राज्यों में कहीं छिपा हो सकता है। उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत 6 राज्यों में ताबड़तोड़ दबिश दी गईं। कई जिलों के रेलवे और बस स्टेशनों पर उसके पोस्टर चस्पा किए गए। दिल्ली और लखनऊ में छिपे होने की सूचना पर पुलिस टीमों ने कई दिनों तक डेरा डाला लेकिन हाथ सिर्फ निराशा लगी।
अब डिजिटल हथियारों से मात देने की तैयारी
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि नगर जोन में ऐसे 22 इनामी अपराधी हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ डिजिटल हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब एआई की मदद से करतार सिंह के अलग-अलग उम्र और हुलिए के काल्पनिक फोटो तैयार किए जा रहे हैं। इन तस्वीरों को पुलिस के आंतरिक पोर्टलों, सोशल मीडिया ग्रुप्स और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ साझा किया जा रहा है। इसके अलावा, आरोपी के बैंक खातों, टोल प्लाजा की आवाजाही, गैस कनेक्शन और सिम कार्ड्स पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि 50 हजार के इनामी करतार सिंह की तलाश में टीम लगी है। कई राज्यों में तलाश की जा चुकी है। अब एआई की मदद से फोटो पोर्टल पर डाला जा रहा है। इससे पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।