जहां से इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था। रविवार की शाम उपचार के दौरान धर्मेंद्र उर्फ धन्ना की मौत हो गई। मृतक के भाई मुकेश ने एसएसपी को दी तहरीर में कहा है कि उनके भाई धन्ना उर्फ धर्मेंद्र को झूठे आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली में मौत से पहले मृतक ने पुलिस पर अमानवीय व्यवहार के बारे में बताया था।
उन्होंने मौत से पहले के वीडियो भी एसएसपी को दिखाया। जिसमें धर्मेंद्र उर्फ धन्ना जैतपुर और फतेहपुरा के नामजद लोगों के इशारे पर पुलिस के पकड़ने और थाने में पिटाई करने, पानी तक न देने, जेल ले जाते समय अरनौटा पर गाड़ी से नीचे उतारकर एनकाउंटर के लिए भागने और पेट्रोल डालने की बातें सुनाई दे रहीं है।
मामले में सोमवार की दोपहर में एसपी पूर्वी ने स्थलीय निरीक्षण कर परिजनों से घटना की जानकारी ली। एसओ जैतपुर योगेंद्र पाल सिंह ने परिजनों के आरोपों को नकारा है। उनका कहना है कि धर्मेंद्र उर्फ धन्ना के खिलाफ अवैध रूप से शराब बिक्री के छह मुकदमे दर्ज हैं। पिटाई का आरोप गलत है।