कोई भी घोटाला हो जाने पर लोग हल्ला मचाते हैं तो प्रशासन जांच के आदेश दे देता है। जांच में क्या होता है, इसकी एक बानगी देखिए। भूमि अधिग्रहण के एक घोटाले में आरोपी मुकदमा दर्ज होने के 33 साल बाद जेल गया है। वह भी गिरफ्तार नहीं हुआ, बल्कि कुर्की नोटिस जारी होने पर खुद ही कोर्ट के सामने पेश हुआ। अभी आरोप तय होंगे, तब सुनवाई का नंबर आएगा, फैसला तो न जाने कब होगा।
आप यह जानकर और चौंक जाएंगे कि केस में चार ही मुल्जिम बनाए गए थे। इनमें से तीन की मृत्यु हो चुकी है। जो शख्स जेल गए हैं, उनकी उम्र 75 साल है यानी सेवानिवृत्ति को डेढ़ दशक हो चुका है। मामला फतेहपुर सीकरी की मंडी मिर्जा खां के लिए हुए अधिग्रहण में घोटाले का है। जांच विजिलेंस के पास है।
आरोप है कि सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए जो पैसा दिया, वह किसानों तक पूरा नहीं पहुंचा। सरकार ने ऊंची दर पर जमीन अधिगृहीत की, जबकि किसानों को कम दर से भुगतान किया गया। शिकायत होने पर पुलिस से जांच कराई गई। इसके बाद विजिलेंस को जांच सौंप दी गई।