आरोपी के पास से मोबाइल फोन, आठ हजार रुपये और दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। मोबाइल फोन पर कई लोगों का डाटा है। इसकी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक उसके गांव में कई लोग यह काम कर रहे हैं।
चार तरीके से बनता था ठगी का शिकार
1- फेसबुक पर किसी अनजान व्यक्ति के नाम और फोटोे की मदद से फर्जी आईडी बनाता है। इसके बाद मैसेंजर पर बात करता है। बीमारी में रुपयों की जरूरत बताकर रकम ट्रांसफर करा लेता है।
2. फेसबुक आईडी हैक करके दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती करता है। इसके बाद मदद के नाम पर रकम जमा कराने को कहता है। कई बार लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।
3. लोगों को कॉल करता है। इस दौरान जीजा और परिचित बनकर बात करता है। रुपये किसी परिचित से ई वॉलेट में डलवाने का झांसा देता है। रकम भेजने के बजाए खाते से ट्रांसफर करा लेता है।
4. लोगों को मैसेंजर और व्हाट्स एप पर मैसेज भेजता है। इस दौरान लड़की के रूप में दर्शाता है। व्हाट्सएप कॉल पर भी लड़की की तरह बात करता है। बाद में अश्लील बातें कराने का झांसा देता है। पीड़ित को भी निर्वस्त्र कराकर एक एप की मदद से रिकॉर्डिंग कर लेता है। इसके बाद ब्लैकमेल करके खाते में रकम जमा करा लेता था।
(आरोपी ने पुलिस को इस तरह ठगी करने के बारे में बताया है)
पुलिस नहीं दिलवा पाई पीड़ितों की रकम
पिछले दिनों महर्षि पुरम निवासी एक सेवानिवृत्त अधिकारी को बीमा पालिसी का लाभ दिलाने के नाम पर ठग लिया गया था। उन्होंने गूगल से बीमा कंपनी का नंबर खोजा था। साइबर ठगों ने उनसे डेढ़ लाख रुपये जमा करा लिए थे। इसी तरह एक डांस टीचर से ऑनलाइन क्लास के नाम पर ट्यूशन फीस भेजने का झांसा देकर ई वालेट से 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए थे। पीड़ितों को अब तक रकम वापस नहीं हो सकी है।
साइबर सेल ने वापस कराए 34 हजार रुपये
साइबर सेल को शिकायत मिली थी कि सिकंदरा निवासी बच्चू सिंह को कॉल करके उनके खाते पर इश्यू डेबिट कार्ड की जानकारी प्राप्त कर ओटीपी के माध्यम से 34 हजार रुपये की ठगी कर ली गई थी। पुलिस ने शिकायत मिलने पर गेटवे की मदद से रकम वापस कराई।
सतर्कता: अनजान व्यक्ति के कॉल पर नहीं करें भरोसा
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के मुताबिक, अगर अनजान व्यक्ति काल करके नौकरी और लोन दिलाने की बात करता है तो झांसे में नहीं आएं। जिस कंपनी से लोन और नौकरी दिलाने की बात कर रहा है, उसका नंबर पता करके पड़ताल करें। अगर, रुपये की मांग की जाती है तो समझ जाएं ठगी हो सकती है।
रिश्तेदार और परिचित बनकर काल करके कोई खाते में रकम भेजने की कहता तो मना कर दें। बीमा लाभ, लाटरी और अन्य फायदे की बात कहकर रकम भेजने वालों से सावधान रहें। इससे ही बचाव संभव है। किसी तरह की धोखाधड़ी होने पर तत्काल अपने नजदीक के पुलिस स्टेशन पर जाएं।