घिरोर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के मौक पर जनसुवाई करते डीएम। स्रोतः प्रशासन
मैनपुरी। घिरोर तहसील में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने एक शिकायत पर कड़ा फैसला लेते हुए लेखपाल को निलंबित कर दिया। नसीरपुर के लेखपाल विक्रम प्रताप सिंह पर फौती यानी मृत्यु संबंधी रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।
डीएम से नगला हरीसिंह निवासी सिंधू कुमार ने शिकायती प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की कि उसके पिता की मृत्यु 2018 में हो गई थी। बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी लेखपाल द्वारा फौती दर्ज नहीं की जा रही है। लेखपाल द्वारा गांव में किसी व्यक्ति द्वारा मृतक के पुत्र के बारे में जानकारी न होने संबंधी आपत्ति दर्ज कर तहसीलदार कोर्ट में वाद दायर करा दिया है। इस पर उन्होंने गांव के प्रधान से मोबाइल पर बात की। प्रधान ने मृतक के पिता के बारे में जानकारी होना बताया। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने भी लेखपाल पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। की शिकायत की, जिस पर उन्होंने मौके पर ही नसीरपुर के लेखपाल विक्रम प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, फौती दर्ज कराने के निर्देश एसडीएम को दिए। कहा कि अविवादित फौती प्राथमिकता पर दर्ज कराकर 13 दिन के भीतर मृतक के वारिसान को उपलब्ध कराई जाए।
लेखपाल अनुराग यादव भी फंसा
डीएम से घिरोर तहसील में ही नगला राजा कोसमा हिनूद निवासी परशुराम ने शिकायत करते हुए कहा कि गाटा संख्या-2661, 2803 असंक्रमणीय से संक्रमणीय करने के लिए विगत कई माह से निरंतर प्रार्थना पत्र दे रहा है। मगर, लेखपाल को रिश्वत की राशि न देने के कारण भूमि को संक्रमणीय नहीं किया जा रहा है। इस पर उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल अनुराग यादव को कार्यों में शिथिलता बरतने पर आरोप पत्र निर्गत करने, तत्काल भूमि को संक्रमणीय दर्ज कराने के निर्देश एसडीएम को दिए। डीएम ने कहा कि निर्धारित अवधि 5 वर्ष पूर्ण होने के बाद असंक्रमणीय भूमि को संक्रमणीय घोषित किया जाए, इसमें किसी भी स्तर पर विलंब न हो। इसके अलावा डीएम ने घिरोर के दूर-दराज ग्रामीण अंचलों से आए 36 फरियादियों की शिकायतों को सुना। इनमें से 6 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर फरियादियों को तत्काल राहत प्रदान की गई। पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को सुना।थानाध्यक्षों को तत्काल प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए।