आगरा-ग्वालियर हाईवे पर मंगलवार सुबह करीब 5 बजे दर्दनाक हादसा हुआ। ग्वालियर हाईवे से आगरा की ओर आ रहे डंपर (लोडिंग वाहन) सैंया में बिजलीघर के सामने आगे चल रहे कंटेनर में जा घुसा। तेज धमाके के साथ डंपर का सिलिंडर फटने से आग लग गई। लपटों ने कुछ ही देर में पूरे डंपर को चपेट में ले लिया। हादसे के बाद चालक ने कूदकर जान बचा ली लेकिन अपने फुफेरे भाई को नहीं बचा सका। वह डंपर से नहीं निकल सका और जिंदा जल गया। हादसे के बाद एक घंटे से अधिक समय तक रास्ते पर जाम लगा रहा।
धौलपुर के मनिया के गांव महूरी निवासी लोकेंद्र शर्मा गांव से डंपर को लेकर आगरा आ रहा था। केबिन में उसके साथ बुआ का बेटा निशांत (17) भी बैठा हुआ था। सुबह करीब 5 बजे सैंया बिजलीघर के पास अचानक डंपर सामने खड़े कंटेनर में जा घुसा। टक्कर लगने से तेज धमाका हुआ और डंपर के एसी सिलिंडर के फटने से उसमें लपटें उठने लगीं। लपटों के तेज होने पर लोकेंद्र किसी तरह डंपर से कूद पड़ा, लेकिन निशांत अंदर ही रह गया। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग भी पहुंच गए। मगर तब तक डंपर पूरी तरह लपटों में घिर चुका था।
सूचना मिलने पर सैंया थाने के इंस्पेक्टर और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। आधा घंटे में दमकलकर्मी पहुंचे और आग पर काबू पाया, तब तक डंपर के केबिन में फंसे निशांत की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलने पर डंपर चालक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है।
कई किलोमीटर तक लगा जाम, लोग परेशान
हादसे के बाद दोनों ओर का यातायात जहां का तहां थम गया। आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इस दौरान दोनों ओर लंबा जाम लग गया। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। इसके बाद क्रेन से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया गया। पुलिस ने एक घंटे बाद यातायात को सुचारु कर सकी।
भाई के साथ घूमने निकला था निशांत
डंपर चालक लोकेंद्र भी घटना में झुलसे हैं। परिजन ने बताया कि लोकेंद्र के परिवार का ही डंपर है। वह माल लेने आगरा आ रहा था। बुआ का लड़का निशांत भी गांव में रहता था। वह 12वीं का छात्र था। उसके पिता महेंद्र किसान हैं। निशांत का एक छोटा भाई अमन है। निशांत अकसर ही लोकेंद्र के साथ गाड़ी में बैठकर चला जाता था। मंगलवार की सुबह भी जिद करके गया था। परिजन का कहना था कि क्या पता था, निशांत अब कभी लौटकर नहीं आएगा।