न्यू आगरा स्थित हजरत अबुल उल्लाह के 379वें उर्स में तीसरे दिन शुक्रवार को गुस्ल और संदल की रस्में अदा की गईं। सज्जादानशीन ने गुलपोशी और चादरपोशी करके मुल्क में अमन चैन की दुआ मांगी। देर शाम से चादरपोशी के लिए जायरीन के उमड़ने का सिलसिला शुरू हो गया, जोकि समापन तक चलेगा। दूरदराज से आए हजारों लोगों ने मन्नतें मांगीं।
हजरत अबुल उलाह के उर्स में मजार के गुस्ल और संदल की रस्में देश के प्रमुख दरगाहों के सज्जादानशीनों के साथ मुतवल्ली सैयद इनायत अली शाह अबुल उलाई ने अदा करवाईं। इसके बाद देश में अमनोअमान की दुआ मांगी गई। गुलपोशी, इत्र और गुलाबजल छिड़काव के बाद चादर पेश की गई।
शाम से दरगाह शरीफ पर चादर पेश करने के लिए अकीदतमंदों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। जायरीन ने चादरें चढ़ाईं और मन्नत का धागा बांधा। दोपहर से देर रात तक जायरीन के दरगाह में इबादत के लिए पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। दरगाह परिसर में सजाई गईं सज्जादानशीनों की गद्दियों पर भी अकीदतमंद पहुंचते रहे।
विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु करेंगे शिरकत
उर्स में विभिन्न दरगाहों से हैदराबाद के सैयद जाकिर अली दानिश, पटना दानापुर से जुल्फी मियां, पीर जावेद मियां, लखनऊ से पीर सबाहत मियां ने शिरकत की। शनिवार को कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। साथ ही, सर्व धर्म सम्मेलन होगा, जिसमें विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु शिरकत करके सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देंगे।
मेले में पूरे दिन रही भीड़, हर रास्ता जाम
न्यू आगरा के उर्स में पहुंचने वाले अकीदतमंदों की भीड़ के कारण न्यू आगरा की ओर जाने वाले रास्तों पर जाम लगा रहा। सुल्तानगंज की पुलिया पर सर्विस रोड पर पूरे दिन जाम के हालात बने रहे।
एक ओर देवी विसर्जन के जुलूस निकाले जा रहे थे तो दूसरी ओर उर्स के जायरीन के कारण अव्यवस्थाएं फैली रहीं। पूरे दिन इस रोड पर जाम लगा रहा। मेला परिसर में परिवार के साथ आए जायरीन ने झूले, तमाशों का लुत्फ उठाया। कई बच्चे भी गुम हो गए, दरगाह कमेटी के सहयोग से उन्हें परिवारीजनों को सुपुर्द किया जा सका।