मथुरा में अपहरण और फिरौती के लिए कुख्यात रहे भूरा गैंग के एक और सदस्य को आजीवन कारावास में जेल भेज दिया गया है। पांच सितंबर को एडीजे सप्तम संजय चौधरी ने वारदात में शामिल 10 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इनमें में से 9 अभियुक्त जेल चले गए थे, लेकिन एक अभियुक्त हाजिर नहीं हो सका था, जिसने शुक्रवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
वारदात 28 दिसंबर 2006 की है। शहर कोतवाली क्षेत्र की गली पीरपंच निवासी विनोद शंकर शर्मा का सुबह टहलने जाते समय अपहरण कर लिया गया था। बदमाशों ने उन्हें चार लाख रुपये की फिरौती लेकर छोड़ा। पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
11 बदमाशों के खिलाफ दाखिल हुई थी चार्जशीट
रौबी हुसैन उर्फ सिराज निवासी बालाजीपुरम, थाना जगदीशपुरा आगरा
हनी उर्फ दीपक चौधरी निवासी शास्त्रीपुरम रोड, थाना सिकंदरा आगरा
बेबी यादव उर्फ फौजी निवासी जरुपुरा थाना सिकंदरा आगरा
रामबाबू निवासी गांव नौरोली थाना बसेड़ी धौलपुर राजस्थान
किसनू उर्फ कृष्णा निवासी ग्राम नौरोली थाना बसेड़ी धौलपुर राजस्थान
पप्पू यादव निवासी ककरैठा सिकंदरा आगरा
प्रशांत निवासी बालाजीपुरम थाना शाहगंज आगरा
भोले उर्फ पिंटू उर्फ मोहन निवासी अंतापाड़ा कोतवाली मथुरा
रामकुमार गौतम उर्फ आरके बॉस निवासी माहरारा थाना सहपऊ जिला हाथरस
अवधेश यादव निवासी ककरैठा थाना सिकंदरा आगरा
गैंग लीडर भूरा यादव निवासी पौरी फरह मथुरा
सरगना की हो चुकी है मौत
गैंग के सरगना भूरा की दौरान मुकदमा मौत हो गई। अदालत ने शेष 10 अभियुक्तों को तीन सितंबर को दोष सिद्ध कर दिया। दोष सिद्ध अभियुक्त अवधेश यादव निवासी ककरैठा थाना सिंकदरा जिला आगरा अदालत में हाजिर नहीं हो सका था।
कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
एडीजीसी मुकेश बाबू गोस्वामी ने बताया कि अदालत ने निर्णय के समय गैर हाजिर रहे अभियुक्त अवधेश यादव के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। शुक्रवार को अवधेश ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने अवधेश का सजाई वारंट बनाकर उसे सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया है।