वायरल हुए वीडियो में खुद डॉ. अरिंजय जैन 22 लोगों की मौत कबूल कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद उन पर 302 का मुकदमा दर्ज नहीं होता बल्कि स्थानीय प्रशासन उन्हें बचाने के लिए लचर-लचर धाराओं में मुकदमा दर्ज करता है। एक धारा तो 188 है जिसका चालन ही मात्र सिर्फ 200 रुपये का है। मांग की गई कि मृतक के परिवार ने जो कुछ खर्चा किया है वह सारा पैसा श्री पारस अस्पताल को वापस करना चाहिए और प्रशासन को इसमें सहायता करनी चाहिए। वहीं पारस में चल रही पैथोलॉजी सीएमओ के बड़े बाबू से जुड़ी भी बताई गई। यह भी बताया गया कि पिछली बार की सील खुलवाने के पीछे वहां से भी कुछ खेल हुआ था।
कपिल वाजपाई ने उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के आगरा आगमन को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि जब तक स्थानीय प्रशासन अस्पताल संचालक के खिलाफ धारा 302 में मुकदमा दर्ज नहीं करता पार्टी के कार्यकर्ता प्रतिदिन सेंट जॉन्स चौराहे स्थित हनुमान मंदिर पर धरना देंगे। कार्यक्रम में रामसेवक ढाकरे, भूपेन चौधरी, सुनहरी लाल धारिया, बने सिंह पहलवान, नूर मोहम्मद, रमजान अब्बास, गोपाल शर्मा, अमित कुमार, डॉ. वीरेंद्र सिंह, प्रमोद, सीपी, अतुल दीक्षित आदि मौजूद थे।
श्री पारस अस्पताल: आखिरकार दो तीमारदारों ने तोड़ी चुप्पी, बयां किया 26 अप्रैल का दर्द, कहा- अस्पताल में नहीं थी ऑक्सीजन