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अमर उजाला असरः 128 दिन बाद घर पहुंचा आकाश, बुआ से लिपटकर रोया

Tue, 28 Jul 2020 12:10 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • बुआ से लिपटकर काफी देर तक रोता रहा
  • तीन घंटे चलीं औपचारिकताएं
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आकाश की बुआ को कोरोना की निगेटिव दिखाते अजीत नगर बाजार कमेटी के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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12 साल का आकाश 128 दिन बाद सोमवार को अपने घर पहुंच गया। उसकी दादी और परिवार के अन्य सदस्य एयरफोर्ट स्टेशन के अंदर सर्वेंट र्क्वाटर में रहते हैं। जनता कर्फ्यू में बाहर निकल आने के बाद उसे अंदर वापसी की अनुमति नहीं मिल रही थी।
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अमर उजाला में 22 जुलाई को उसकी बेबसी की खबर छपने पर डीएम प्रभु एन सिंह ने सैन्य अफसरों से बात की तो उसे इजाजत मिल गई। उसे लेने के लिए बुआ मोनिका और चाचा सूरज आए। वह बुआ से लिपटकर काफी देर तक रोता रहा। बुआ और चाचा की आंखों में भी खुशी के आंसू छलक आए। 

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एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारियों ने डीएम से कहा था कि उसका कोरोना टेस्ट हो जाने के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे अंदर आने दिया जाएगा। रविवार को ही जांच हुई और रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। आकाश के घर जाने के बाद सैन्य अधिकारी पत्नी प्रीति फौजदार, बाजार कमेटी के राजेश यादव, एड. विवेक साराभाई बेहद खुश हुए। ये लोग भी बच्चे को घर पहुंचाने की कोशिश में लगे थे।
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कवायद : तीन घंटे चलीं औपचारिकताएं
एयर फोर्स अधिकारियों के पास सोमवार दोपहर 12 बजे कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पहुंची। तीन घंटे में अन्य औपचारिकताएं होने के बाद आकाश की बुआ व चाचा को बाहर आकर उसे ले जाने की अनुमति मिली।

सोमवार को दोपहर साढ़े तीन बजे अजीत नगर गेट पर एयरफोर्स स्टेशन से उसकी बुआ और चाचा बाहर आए। स्टेशन गेट पर अरुण कुमार चौहान, दलजीत सिंह, जगदीप सिंह, जगजीत सिंह ने बच्चे को उसके परिजनों के सुपर्द किया।

कर्मठता : 128 दिन में 15 बार किए प्रयास
अजीत नगर बाजार कमेटी अध्यक्ष राजेश यादव व बादल उपाध्याय ने बताया लॉकडाउन के समय और लॉकडाउन खुलने के बाद स्थानीय लोगों ने 128 दिन में 15 बार प्रयास किए। इसके बाद अमर उजाला में 22 जुलाई को खबर प्रकाशित होने के पांच दिन बाद बच्चा अपने घर पहुंच गया। बादल उपाध्याय ने आकाश को घर में अपने बच्चे की तरह रखा था।
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