आगरा। यदि आपको वाहन खरीदना है और आपका आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है तो तत्काल करा लें। अब नए वाहन का पंजीकरण भी तभी संभव हो सकेगा, जबकि आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर को ओटीपी प्राप्त करने के बाद डीलर उसे वाहन 4.0 की वेबसाइट पर फीड कर देगा। एनआईसी के द्वारा यह नई व्यवस्था परिवहन विभाग में लागू की गई है।
हाल में एनआईसी ने वाहन 4.0 की वेबसाइट पर यह बदलाव किया है। इसके बाद जब भी आप वाहन खरीदने के लिए वाहन डीलर के पास पहुंचेंगे तो आपके आधार कार्ड पर अंकित मोबाइल नंबर दर्ज होगा, इसी मोबाइल पर ओटीपी आएगा।
एआरटीओ एके सिंह ने बताया कि पहले डीलर्स सिर्फ वाहन की रकम और विभागीय टैक्स वसूलने के बाद रसीद काटकर दे देता था। बाद में वाहन स्वामी के क्रय संबंधी जानकारी को एप्रूवल देकर परिवहन विभाग वाहन का पंजीकरण नंबर जारी करता था। अब यह व्यवस्था बदल गई है। वाहन-4 वेबसाइट के नेशनल पोर्टल पर डीलर्स द्वारा वाहन क्रेता के आधार कार्ड की जानकारी फीड करेगी। उक्त आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी जारी होगा, जिसे पोर्टल पर फीड करते ही तत्काल वाहन का पंजीकरण नंबर जारी हो जाएगा। इसके अलावा एक दिसंबर से अस्थाई पंजीकरण की व्यवस्था समाप्त हो गई है। प्रदेश के किसी भी जिले का व्यक्ति किसी भी अन्य जिले से अगर वाहन खरीदता है तो खरीदार के आधार कार्ड में दर्ज जिले का वाहन पंजीकरण संख्या उसको जारी होगी। पोर्टल स्वत: ही यह प्रक्रिया कर देगा।
वाहनों की फाइलें एक दिसंबर से नहीं जा सकेंगी डीलरों के पास
वाहन खरीदने के बाद फाइल संबंधित डीलर्स के पास रखे जाने की प्रक्रिया फिलहाल एक दिसंबर से शुरू नहीं हो सकेगी। इसमें दस दिन का वक्त लग सकता है। यह जानकारी एआरटीओ प्रशासन ने दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वाहन डीलर्स का प्रशिक्षण हो चुका है, लेकिन तकनीकी कारणों से इसमें देरी हो रही है। ऐसे में एक दिसंबर से अस्थायी पंजीयन तो बंद हो जाएंगे, लेकिन वाहन की फाइल अभी आरटीओ को भेजनी होगी।