कासगंज में एक युवक ऑनलाइन क्रिकेट मैच में पैसे हार गया तो उसने फर्जी लूट की कहानी रच दी।उसने कर्ज चुकाने के लिए घर वालों के बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लिए। पुलिस को गलत सूचना दे दी। जांच में पकड़ा गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
कासगंज में पुलिस ने चार दिन पहले हुई 95 हजार रुपये की लूट की घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस की जांच में घटना फर्जी निकली है। युवक ने परिजनों को झांसा देने के लिए खुद ही लूट का ड्रामा रचा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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बीती 17 जनवरी को नगला अर्रुआ निवासी हरीशचंद्र ने पुलिस को सूचना दी। बताया कि किलोनी रफातपुर रोड पर उससे 95 हजार रुपये की लूट की घटना हुई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। युवक के पिता ने पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दो अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही थी। जांच में घटना संदिग्ध प्रतीत हुई।
सीओ सिटी अजीत चौहान ने जांच को एसओजी टीम को लगाया। जांच में सामने आया कि लूट की सूचना देने वाले युवक हरीश चंद्र ने परिजनों को झांसा देने के लिए लूट की घटना का ड्रामा रचा। ऑनलाइन क्रिकेट मैच में रुपये हार जाने के कारण युवक ने कर्जा चुकाने के लिए लूट का ड्रामा रचा। पुलिस ने बैंक खाते की डिटेल भी चैक की। सीसीटीवी फुटेज भी देखा।
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युवक ने बताया कि कर्ज चुकाने के लिए बैंक से रुपये निकाले थे। 20-20 हजार रुपये दो बार अपने खाते में जमा किए। इसके अलावा 50 हजार रुपये परिजनों से छिपाकर रखे थे। इससे कर्ज चुकाया जा सके। पुलिस ने युवक के पास से 50 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की ली। पुलिस ने फर्जी सूचना देने पर हरीश चंद्र को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया और 50 हजार रुपये की नकदी भी युवक से बरामद कर ली।