बाह। दीवार के मलबे में दबकर घायल हुए बासौनी के इमली पुरा गांव के मजदूर सत्यवीर (40) की उपचार के दौरान रविवार देर शाम मौत हो गई। परिजन का कहना है कि समय पर सही इलाज मिल जाता तो मृतक की जान बच जाती। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव मोर्चरी में रखवा दिया है।
इमली पुरा के सत्यवीर एवं उनके भाई यशपाल बाह के रजपुरा गांव में रविवार को मजदूरी के लिए गए थे। दोपहर में उधेड़ने के दौरान दीवार भरभरा कर गिर गई। यशपाल ने परिजन एवं पुलिस को बताया कि सत्यवीर दीवार के मलबे दब गया। एंबुलेंस आ गई, लेकिन मकान मालिक निजी वाहन से फतेहाबाद के एक बाद दूसरे हाॅस्पिटल में ले गया, भर्ती न किए जाने पर आगरा ले पहुंचे, जहां पर सत्यवीर की मौत हो गई। परिजन ने पुलिस को बताया कि समय रहते सही इलाज मिल जाता तो सत्यवीर की जान बच जाती। जांच एवं कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु बाह की मोर्चरी में रखवा दिया है।
सत्यवीर की मौत से पत्नी विमलेश सुधबुध खो बैठी है। सत्यवीर की मौत से 4 बच्चों सपना (18), कृष्णा (10), सुप्रिया (8), आयुष (6) के सिर से पिता का साया छिन गया है। विमलेश के सामने तीन बेटियों की शादी की पहाड़ सी चुनौती है। सत्यवीर के अलावा कोई और कमाने वाला नहीं है। उसे नहीं सूझ रहा कि बेटियों की कैसे शादी होगी, बेटे बेटियों की परवरिश कैसे होगी। परिवार मातम में डूबा है।