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Agra News: मां सिद्धिदात्री के दर पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, घर-घर किया गया कन्या पूजन और भंडारों के साथ चैत्र नवरात्र संपन्न, रामनवमी पर गूंजे जयकारे

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नहटोली का मंशा देवी मंदिर पर मेला में चढ़े नेजा, उमड़ी भीड़, जवारे विसर्जन के साथ देवी भ​क्ति प - फोटो : Archive
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आगरा। चैत्र नवरात्र के समापन रामनवमी पर शुक्रवार को तीर्थधाम बटेश्वर समेत पूरे जनपद में देवी मंदिरों पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। घर-घर कन्या पूजन कर भोजन कराकर उपहार दिए गए। जगह-जगह भंडारों में माता रानी का प्रसाद वितरित किया गया। रामनवमी पर दिनभर जयश्रीराम के जयकारे भी गूंजते रहे। महानवमी के अवसर पर जहां एक ओर मां सिद्धिदात्री के जयकारों से देवालय गुंजायमान रहे, वहीं दूसरी ओर यमुना की पावन जलधारा में जवारों के विसर्जन के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान परवान चढ़ा।
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यमुना की लहरों में आस्था का विसर्जन



बटेश्वर में महानवमी तिथि पर सुबह से ही बटेश्वर के राजमाता मंदिर, केलादेवी मंदिर, कुलदेवी और काली माता मंदिर में भक्तों का तांता लग गया। जय माता दी के उद्घोष और भजनों की स्वर लहरियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। विशेष बात यह रही कि इस बार नवरात्रि समापन पर ''''रवि योग'''' और ''''सर्वार्थ सिद्धि योग'''' का दुर्लभ संयोग रहा, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया। भक्तों ने हवन-पूजन कर जगत जननी से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। नौ दिनों तक कठोर उपवास रखने वाले देवी भक्तों ने विधि-विधान से कन्या पूजन किया। नन्हीं कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनके पैर पखारे गए और उन्हें हलवा-पूरी का भोग लगाकर उपहार भेंट किए गए। इसके बाद भक्तों ने अपना व्रत खोलकर प्रसाद ग्रहण किया।







दोपहर बाद बटेश्वर के रानी घाट और पंचमुखी घाट पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। नवरात्रि के प्रथम दिन बोए गए अंकुरित जवारों का विधि-विधान से पूजन करने के बाद उन्हें यमुना नदी में विसर्जित किया गया। ढोल-नगाड़ों और माता की विदाई के गीतों के बीच भक्तों ने नम आंखों से जवारों को जलधारा में प्रवाहित किया। विसर्जन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय प्रशासन भी घाटों पर मुस्तैद रहा।
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कन्याओं की पूजकर लिया बेटी बचाओ का संकल्प



बाह। बाह और जैतपुर क्षेत्र में नवमी पर घर-घर कन्या पूजन हुआ। माथुर वैश्य महिला मंडल, जरार ने देवी स्वरूप नौ कन्याओं की आकर्षक झांकी सजाई और उन्हें उपहार भेंट किए। मंडल अध्यक्ष राधा गुप्ता और मंत्री शशि गुप्ता ने इस अवसर पर महिलाओं को कोख में कन्या कत्ल न करने की शपथ दिलाई और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का आह्वान किया। फतेहाबाद में चैत्र नवरात्र के समापन पर श्रद्धालुओं ने व्रत खोलकर कन्या-लांगुरा भोज कराया। स्वारा देवी मंदिर पर भव्य मेले का आयोजन हुआ। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल और मंदिर समिति के सदस्य चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे। नगर में जगह-जगह भंडारों का आयोजन कर प्रसाद वितरित किया गया।



जगनेर में सरेंधी चौराहे के पास स्थित बाबा एचपी पेट्रोल पंप पर संचालक अरुण शर्मा द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर से शुरू हुए इस सेवा कार्य में बड़ी संख्या में राहगीरों और स्थानीय लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक भाईचारा और जनसेवा रहा।



फतेहपुर सीकरी में रामनवमी पर सीकरी के जय श्री राम मंदिर, बड़ी और छोटी बगीची मंदिर में प्रभु श्री राम को नई पोशाक धारण कराकर भव्य फूल बंगला सजाया गया। हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा हुई और मां सिद्धिदात्री के पूजन के बाद कन्याओं को पारंपरिक व्यंजन (पूड़ी, हलवा, चना) परोसे गए। पिनाहट के प्राचीन चौगान माता मंदिर पर जात मेले का आयोजन हुआ। लांगुरिया भजनों पर महिलाएं और भक्त जमकर थिरके। मन्नत पूरी होने पर भक्तों ने माता को नेजा और ध्वजा चढ़ाए। मेले में बच्चों और महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। अछनेरा के पथवारी मंदिर में राज राजेश्वरी केला मईया का अलौकिक दरबार सजाया गया। यहाँ छप्पन भोग और विशाल फूल बंगला आकर्षण का केंद्र रहे। इस दौरान नितिन गोयल, मोनू अग्रवाल और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।







कन्या बनके मैया आई जईयो...



बाह और जैतपुर क्षेत्र में जवारे विसर्जन के दौरान भक्ति परवान चढ़ी। कन्या बनके मैया आई जईयो, बुलावे जोगन तेरी... जैसे भजनों पर झूमती महिला श्रद्धालुओं की टोलियों ने जमकर गुलाल उड़ाया। श्रद्धालुओं ने यमुना और चंबल नदी में जवारे विसर्जन कर सुख-समृद्धि की कामना की। नहटोली के मंशा देवी और पहाड़पुरा के ज्वाला देवी मंदिर पर भी नेजा चढ़ाकर मेले का आनंद लिया गया।
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