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Agra News: यमुना पर स्टील गर्डर से बनेगा पुल, 10 महीने में होगा तैयार

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आगरा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने यमुना पर पुल के लिए डिजाइन तैयार कर ली है। इसे स्टील गर्डर से बनाया जाएगा। यूपीएमआरसी पहली बार स्टील का उपयोग कर रही है। 10 महीने में यह बनकर तैयार हो जाएगा। अगले साल दिसंबर तक लोगों को आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मेट्रो की सुविधा मिलने लगेगी।
मेट्रो ट्रेन का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनाया जा रहा है। इसकी दूरी करीब 16 किमी है और 14 स्टेशन बनेंगे। ये एलिवेटेड है और इस मार्ग पर तीन पुल बनाए जाएंगे। यमुना नदी पर पुल की डिजाइन बन गई है। पुल की लंबाई 320 मीटर है। यह सड़क मार्ग से 15 मीटर ऊंचा होगा। सात पिलरों पर पुल खड़ा होगा।
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यू-गर्डर की लंबाई 46 मीटर होगी। पुल को मजबूती देने के लिए पहली बार स्टील गर्डर लगाए जा रहे हैं। यूपीएमआरसी ट्रैक बनाने में कंक्रीट के गर्डर का ही इस्तेमाल कर रही है। इनकी लंबाई भी 28 मीटर है। दो महीने बाद पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा। 10 महीने में ये तैयार हो जाएगा।

- मेट्रो ट्रेन के लिए करीब 4 किमी की दूरी में यमुना पुल पर ये नौवां पुल बनाया जा रहा है। आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन से हाईवे तक अभी आठ पुल हैं, जिसमें से 3 रेलवे के हैं। बारिश से पहले पुल का कार्य शुरू हो गया था, नदी का जलस्तर बढ़ने पर कार्य रोकना पड़ा।

- आगरा कैंट से कालिंदी विहार ट्रैक के बीच रावली और सेंट जोंस पर रेलवे क्रॉसिंग है। इस पर भी पुल बनेंगे। इसमें भी स्टील गर्डर का उपयोग किया जाएगा। बाकी के ट्रैक पर कंक्रीट के गर्डर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इन तीनों पुल की डिजाइन बन गई है।
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- यमुना पर नए पुल की डिजाइन तय कर कार्य शुरू कर दिया है। ये स्टील गर्डर से बनाए जाएंगे। रावली-सेंट जोंस रेलवे क्रॉसिंग पर भी स्टील गर्डर से पुल बनेंगे। यमुना का जलस्तर कम होते ही बांध बनाकर पानी के स्थापित कर पिलर बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। कार्य शुरू होने के 10 महीने में ये तैयार हो जाएगा। अगले साल दिसंबर तक दोनों कॉरिडोर बन जाएंगे।
- पंचानन मिश्रा, उप महाप्रबंधक यूपीएमआरसी
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