खुद को आईएएस की तैयारी करने वाला बताकर युवक ने सदर थाना क्षेत्र की युवती से फोन पर दोस्ती की। इसके बाद बहाने से युवती और उसकी मां से रुपये ऐंठता रहा। अब तक वह 20 लाख रुपये ले चुका है। पीड़िता का आरोप है कि इस आठ साल के दौरान केवल एक बार मुलाकात की, वह भी युवक के दोस्त के रूप में। मगर, उन्हें शक है कि वह दोस्त नहीं खुद आरोपी युवक ही था। रुपये देना बंद करने पर युवक ने जब धमकी तब पीड़िता की मां ने केस दर्ज कराया है।
पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी के पास 8 साल पहले एक युवक का फोन आया। उसने अपना नाम रचित राज बताया उसने बेटी से कहा कि वह आईएएस की तैयारी कर रहा है। वह बेटी से बातें करने लगा। बेटी ने जानकारी दी तो उन्होंने मिलने के लिए कहा लेकिन युवक पढ़ाई में व्यस्तता का बहाना बनाकर टालता रहा।
एक दिन जरूरत बताकर 10 हजार रुपये उधार मांगे। मना किया तो बेटी ने जिद कर उसके खाते में रुपये डलवा दिए। वह खाता वीरू नाम से था। इसके बारे में पूछने पर उसने खुद के ही दोनों नाम बताए। धीरे-धीरे लाखों रुपये देने के बाद उन्होंने मिलने की जिद की। कहा कि आगे रुपये तभी देंगे जब मिलोगे।
इस पर युवक ने कहा कि वह एक विशेष तरह की पूजा में व्यस्त है। इसलिए दोस्त मोंटू से मिल लेना। बेटी उसके भेजे दोस्त मोंटू से मिली। वह चुपके से बेटी के साथ खुद की सेल्फी ले गया। उसे मोबाइल पर भेजा। बेटी को शक है कि वह मोंटू ही वीरू उर्फ रचित राज है। और रुपये मांगने पर बेटी ने अपना फोटो भेजने को कहा तो उसने आधार कार्ड भेज दिया। जिसमें फोटो तो नहीं थी लेकिन पता लिखा था।
बेटी उस पते पर एत्मादपुर के गांव धौर्रा पहुंची। आरोपी वहां नहीं मिला। परिजनों ने बेटे के नौकरी करने की बात कही। कहा कि वह रुपये जल्दी लौटा देगा। घर पहुंचने पर आरोपी युवक युवती पर मोबाइल पर ही बिफर पड़ा। धमकी दी कि तेजाब डाल देगा। उसकी मां और लखनऊ में नौकरी करने वाले इकलौते भाई की हत्या कर देगा। इसके बाद डराकर रुपये ऐंठने लगा। अब तक 20 लाख रुपये ठग चुका है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी को लाखों रुपये देने से परिवार पर कर्ज हो गया। बेटी शहर के बाहर नौकरी करने लगी। सदर एसीपी इमरान अहमद ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश मेें लगी है।