आरोपी के पास से कई प्री-एक्टिवेटेड सिम, मैमोरी कार्ड, आधार कार्ड आदि बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि वह गाजियाबाद में अपने साथी ध्रुव सोलंकी को सिम उपलब्ध कराता है। वह इन सिम का इस्तेमाल लोगों को प्रलोभन के मैसेज भेजने के लिए करता है। सभी सिम मैनपुरी के लोगों के कागजातों पर ली गई हैं। साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि सभी नंबरों की जांच की जा रही है। आरोपी के साथी को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
देश विरोधी गतिविधि में भी प्रयोग से इंकार नहीं
साइबर सेल द्वारा पकड़े गए सलमान ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं। उसने बताया कि मैनपुरी के लोगों कागजात पर करीब 500 से अधिक प्री-एक्टिवेटेड सिम गाजियाबाद भेज चुका है। लोगों के कागजात सेंटर से वह चोरी कर लेता था। उन्हीं कागजात पर सिम जारी कराता था। पुलिस इस बात से भी इंकार नहीं कर रही कि इन सिमों का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधि में हो सकता है।