बता दें कि सोम को इटली की दंपती गोद लेना चाहते हैं। उसको गोद देने की प्रक्रिया को हरी झंडी दिखा दी गई। भाई सोम को सात समंदर पार जाने से रोकने के लिए बड़े भाई ओम ने आगरा के पारिवारिक न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराई है। उसका कहना है कि वह अपने भाई को विदेश नहीं जाने देगा।
ऐसे मिला परिवार
अमर उजाला में ‘नहीं जाने दूंगा भाई को सात समंदर पार’ खबर प्रकाशित होने के बाद ओम के साथियों ने साथ मिलकर माता-पिता को खोजा। आगरा किले के सामने बनी झुग्गी झोपड़ियों की बस्ती के सामने से निकलने पर वहां बैठे एक व्यक्ति ने ओम को पहचान लिया। जब बस्ती में पता चला तो सभी लोग काफी खुश दिखे।
मुझे खुशी है एक और परिवार मिलाया
सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने बताया कि मुझे खुशी है कि मैंने एक और परिवार को मिलाने का काम किया। हमें परिवार को ढूंढने में दो दिन का समय जरूर लगा।