आगरा। सात फेरे लेकर उम्रभर साथ निभाने के वादे के संग शुरू हुआ जिंदगी का सफर कुछ ही महीनों में बेपटरी हो गया। छोटी-छोटी बातों पर शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि घर की चौखट पार कर मामला परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच गया। जीवनसाथी की बातों से व्यथित हुए मन पर जब काउंसलर के शब्दों का मरहम लगा तो दिल फिर साथ रहने को राजी हो गए। रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में ऐसे ही दो मामलों में समझौता हुआ। काउंसलर के समझाने पर दंपतियों ने अपनी-अपनी गलती मानी और फिर नई जिंदगी शुरू करने पर सहमति जताई।
केस-1 : खाना न बना पाने की बात पर हुआ विवाद
अप्रैल 2026 में टेढ़ी बगिया क्षेत्र निवासी युवक से शाहदरा की युवती की शादी हुई थी। छह महीने में ही रिश्ता बिगड़ गया। ससुराल पक्ष का आरोप था कि बहू ठीक से खाना नहीं बना पाती है। मामूली बात पर पति ने उसे मायके छोड़ दिया। मामला परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच गया। तीन दौर की काउंसलिंग के बाद रविवार को दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
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केस-2 : बोदला निवासी युवती की शादी मई 2026 में धूलियागंज के युवक से हुई थी। छोटे-छोटे खर्चों पर पति-पत्नी में तकरार हो गई। एक दिन महिला ने जरूरत का कुछ सामान ऑनलाइन मंगा लिया। इससे नाराज होकर पति ने पिटाई कर दी और पत्नी को मायके छोड़ दिया। बात परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच गई। रविवार को दूसरी काउंसलिंग में पति-पत्नी में फिर साथ रहने पर सहमति बन गई।
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केंद्र में आने वाले अधिकांश मामले बेहद मामूली और छोटी गलतफहमी से जुड़े होते हैं। धैर्य और संवाद के माध्यम से इन्हें घर पर ही सुलझाया जा सकता है। जरा-सी समझदारी कई जिंदगियों को बिखरने से बचा सकती है। परामर्श केंद्र में भी इसी प्रकार दोनों पक्षों को समझाकर एक करने का प्रयास रहता है। - प्रीता, एसीपी और प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र