आगरा। पुष्पांजलि समेत तीन समूह के तीन शहरों में 18 ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे में अब तक की सबसे बड़ी टैक्स और सरेंडर कार्यवाही साबित हुई। 40 करोड़ की आय सरेंडर करने के साथ यह कार्यवाही 55 घंटे तक चली, जो अब तक की शहर में सबसे देर तक चलने वाली सर्च रही। आयकर विभाग को इस पूरी कार्रवाई में 17 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स मिल सकता है, वहीं 6 साल तक के रिटर्न और पुरानी डील की भी जांच होने से यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
संयुक्त निदेशक आयकर (जांच) मुंशीराम के निर्देशन में पुष्पांजलि ग्रुप पर की गई कार्यवाही शुक्रवार शाम चार बजे तक पूरी हो पाई। पुष्पांजलि के कारपोरेट आफिस पर आयकर सर्च खत्म हो पाई। कारपोरेट आफिस में ही सबसे ज्यादा फाइलें, कागजात और डील से ज़डे ब्योरे मिले हैं। विभाग ने 18 ठिकानों में से 14 पर तो बुधवार रात ही कार्यवाही पूरी कर ली थी, जबकि गुरुवार को तीन ठिकानों पर कार्रवाई पूरी हुई। शुक्रवार शाम तक यह कार्रवाई पूरी तरह से खत्म हो पाई। शुरूआत में पायल साड़ी और आरजीपीजी समूह पर भी कार्यवाही हुई।
दिवाली पर महंगे गिफ्ट से तौबा
पुष्पांजलि समूह पर पड़े आयकर छापे के बाद शहर भर के बिल्डरों में हड़कंप है। बिल्डर स्टेटस के मुताबिक गिफ्ट देते रहे हैं। अधिकारियों और अपने उद्योग से जुड़े लोगों को दिवाली के उपहार लागत में उन्होंने कमी करते हुए छोटे पैकेट ही तैयार कराए हैं, वहीं कई ने यह प्रोग्राम ड्राप कर दिया है।
दिवाली पर एक और कार्यवाही!
शहर के उद्यमियों, कारोबारियों में आयकर विभाग की कार्यवाही के बाद चर्चाएं तो यहां तक हैं कि दिवाली के आस-पास आयकर विभाग की बड़ी कार्यवाही हो सकती है। इस वजह से बिल्डरों ने अपने कागजात और इन्वेस्टमेंट से जुड़ी फाइलें सुरक्षित रखने की कवायद करनी शुरू कर दी है।