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‘दलाली में लगे हैं बड़े कुर्ते वाले नेता’

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आगरा। लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की दुर्दशा के बाद हार का ठीकरा सभी एक-दूसरे के सिर फोड़ने में लगे हैं। कार्यकर्ताओं के निशाने पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, लाल बत्ती वाले नेता हैं। उनका आरोप है कि कार्यकर्ता पैसा और पसीना बहता रहा जबकि नेता स्वार्थपूर्ति में लगे रहे। शहर अध्यक्ष वाजिद निसार ने भी संगठन के पदाधिकारियों की जमकर खिंचाई की।
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पार्टी कार्यालय पर हुई बैठक में वाजिद निसार ने कहा कि प्रत्याशी को जो वोट मिले हैं वह कार्यकर्ताओं की मेहनत है। जिनके लिए पैसा और पसीना बहाया वे यहां मौजूद भी नहीं हैं। पार्टी ने जिन्हें विधानसभा चुनाव लड़ाया उन्होंने भी हार का ठीकरा कार्यकर्ताओं के सिर फोड़ा। वाजिद निसार ने कहा कि जुगाड़ करके लोग पद ले आते हैं और बड़े कुर्ते पहनकर सरकारी महकमों में दलाली करते हैं। पद नहीं रहेंगे तो उन्हें कोई पानी के लिए भी नहीं पूछेगा। शहर अध्यक्ष ने कहा कि मैं सच्ची बात करता हूं, किसी का डर नहीं है। ऐसे सभी लोगों की लिस्ट प्रदेश अध्यक्ष और सपा सुप्रीमो को सौंप दी है। मैं अध्यक्ष रहूं न रहूं मेरी राजनीति कार्यकर्ताओं के दम से है। मेयर इंद्रजीत आर्य ने कहा कि अब हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है। हमें जनता के बीच जाकर काम करना होगा। बैठक में पूर्व मेयर किशोरी लाल माहौर, मुनेंद्र पाल सिंह जादौन, मुकेश यादव, प्रवीना पालीवाल, क्षमा जैन, सतीश चाहर, मोनिका नाज खान, भोलू कुरैशी, वीनू सिकरवार, पप्पू उसमानी, मुहम्मद शरीफ, इकबाल आदि मौजूद थे।
बता दें कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर दो जून को कार्यकर्ता सम्मेलन प्रस्तावित है। इसी की तैयारियों के लिए बैठक बुलाई गई थी। बैठक में यह भी तय हुआ कि शहर संगठन के कार्यकर्ता सम्मेलन में जो नेता भीड़ लेकर नही पहुंचेगा उसे मंच और माइक नहीं दिया जाएगा। यह सम्मेलन पार्टी कार्यालय पर होगा।
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शहर अध्यक्ष के खिलाफ बगावत
चुनाव के बाद हुई पहली बैठक में महाराज सिंह धनगर चुनाव मौजूद नहीं थे। उपाध्यक्ष राहुल चतुर्वेदी, मीडिया प्रभारी अनिल रावत, महासचिव अतुल गर्ग, कोषाध्यक्ष वीनू महाजन, तीनों विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा चुनाव लड़ चुके सप्पो उसमानी, चंद्रसेन टपलू, अभिनव शर्मा आदि भी नहीं पहुंचे। भंग हो चुके फ्रंटल संगठनों में अधिवक्ता सभा के मुनेंद्र जादौन, युवजन सभा के अनूप यादव ही नजर आए। अंजुला सिंह माहौर और शिव कुमार राठौर भी बैठक से गायब थे। बैठक से नदारद रहने वालों से जानकारी की गई वे खुलकर तो कुछ नहीं बोले। इशारा साफ था कि अध्यक्ष के खिलाफ बगावत का ऐलान कर चुके हैं। महानगर मीडिया प्रभारी अनिल रावत का कहना था कि हमारे पास सूचना नहीं थी। शेष लोग चुनाव के दौरान हुई उपेक्षा से आहत थे। अब वे दो जून को जिला संगठन के सूरसदन में होने वाले सम्मेलन में भाग लेंगे।
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