आगरा। मेडिकल स्टोर संचालकों के होश उड़े हुए हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया में एक फार्मेसिस्ट के नाम से कई लाइसेंस नवीनीकरण का खुलासा हो रहा है। इसके चलते तमाम मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के नवीनीकरण पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के लिए फार्मेसिस्ट की अनिवार्यता है। हर पांच साल बाद लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाता है। शहर में करीब 2200 मेडिकल स्टोर हैं। जबकि फार्मेसिस्ट की संख्या मात्र 400 है। ऐसे में मेडिकल स्टोर संचालक और औषधि विभाग की जुगलबंदी से एक ही फार्मेसिस्ट के नाम पर चार से पांच मेडिकल स्टोर के लाइसेंस जारी कर दिये गये हैं। इस बार ऑनलाइन लाइसेंस नवीनीकरण होने से एक से अधिक जगह फार्मेसिस्ट के रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल करने पर आवेदन रद किये जा रहे हैं। औषधि निरीक्षण जगबीर सिंह ने बताया कि 900 मेडिकल स्टोर को नवीनीकरण के लिए नोटिस जारी किया गया है। 31 दिसंबर तक नवीनीकरण न होने पर हर माह एक हजार रुपए पेनाल्टी लगेगी। वहीं, छह महीने बाद लाइसेंस को रद कर दिया जाएगा।
फार्मेसिस्ट भी हक्का-बक्का
फार्मेसिस्ट सुनील कुमार ने 22 अगस्त 2005 को रजिस्ट्रेशन कराया था। एक मेडिकल स्टोर संचालक के साथ लाइसेंस नवीनीकरण के लिए पहुंचे सुनील हक्का-बक्का रह गए। उन्होंने बताया कि उनके रजिस्ट्रेशन नंबर पर बदायूं में मेडिकल स्टोर का लाइसेंस है। ऐसे तमाम केस सामने आ रहे हैं। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा ने बताया कि एक ही फार्मेसिस्ट के नाम से कई लाइसेंस जारी करने वाले अैषधिविभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।