बाह। शंकरपुरा गांव के प्राइमरी स्कूल में सवा महीने बाद पहुंची शिक्षिका को ग्रामीणों ने बैरंग लौटा दिया। उधर, फतेहपुरा के स्कूल में गैरहाजिर शिक्षिका शिकायत के एक माह बाद भी नहीं पहुंची है। जबकि मंसुखपुरा के दर्जर भर स्कूलों में मिड-डे मील नहीं बनाया जा रहा।
वर्ष 2009 में तैनाती के बाद से स्कूल में यदा कदा आने वाली शिक्षिका निधि श्रीवास्तव के खिलाफ शंकरपुरा गांव के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष बैजनाथ बघेल, ओमपकार, रामऔतार, जगदीश आदि ने शिक्षिका को स्कूल से लौटा दिया। डीएम से की शिकायत में ग्रामीणों ने कहा है कि उक्त शिक्षिका अधिकांश समय अनुपस्थित रहती है। इससे बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान आ रहा है। वहीं जैतपुर ब्लाक के फतेेहपुरा गांव के स्कूल में तैनात शिक्षिका संतोषी के घर बैठे पगार लेने की शिकायत ग्राम प्रधान नरेश सिंह ने की है। खंड शिक्षा अधिकारी को भी उक्त शिक्षिका निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर मिली थी। इस बात को भी एक माह बीत गया लेकिन अब तक शिक्षिका नहीं आई है। ग्राम प्रधान ने डीएम से की है। वहीं पिनाहट ब्लाक के मंसुखपुरा, रेहा, जगतपुरा, कएडी, सुखभानपुरा, तासौड, कुरकियनपुरा, के स्कूलों में कई दिनों से मिड-डे मील नहीं बनने की शिकायत पूर्व प्रधान अजय कौशिक ने सीडीओ से की है।
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वीरान पड़े हैं चंबल के कई स्कूल
अंतर्जनपदीय तबादले के बाद बड़े पैमाने पर चंबल पट्टी के स्कूलों में शिक्षक-शिक्षिकोओं की तैनाती कर बीएसए ने सालों से बंद स्कूलों को खोलने की कवायद की थी लेकिन अब तक स्कूल नहीं खुल सके हैं। इस कारण बच्चे भूखे पेट ही घर लौट रहे हैं। बाह, पिनाहट, जैतपुर के स्कूलों की दुर्दशा को लेकर ब्लाक प्रमुख गजेंद्र सिंह भदौरिया ने बीएसए से जांच की मांग की है।