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शहर के पार्क हैं बदहाल, लगे हैं गंदगी के ढेर

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पार्क बदहाल - फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। गर्मी के मौसम में जहां लोग सुबह शाम पार्कों में सैर सपाटा करना चाहते हैं, वहीं बच्चे दोस्तों के संग विभिन्न खेलों का आनंद लेना चाहते हैं। शहर में पार्क तो हैं, लेकिन बच्चों और बड़ों को उनका लाभ नहीं मिल रहा है। कारण पार्कों पर अतिक्रमण और जगह-जगह फैली गंदगी है। नगर के 80 प्रतिशत पार्कों पर लोगों का कब्जा है।
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नगर पालिका क्षेत्र में लोगों के सुबह-शाम टहलने और बैठने के लिए 42 पार्कों का निर्माण कराया गया है। इसमें से 80 प्रतिशत पार्कों की हालत बदहाल हो गई है। अधिकतर पार्कों पर लोगों ने अवैध रूप से जानवर बांध रखे हैं। आवास विकास में लोगों ने पार्कों को कूड़ा घर बना दिया है। इस कारण पार्क उन उद्देश्यों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, जिनके लिए इनका निर्माण कराया गया था। वहीं कहीं न कहीं नगर पालिका और अधिकारी भी पार्कों की बदहाली के लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि पार्कों में गंदगी फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति पर आज तक कार्रवाई नहीं की गई।

देवी रोड स्थित हेमचंद पार्क
देवी रोड स्थित इस पार्क के हाल बेहाल हैं। इसमें कहीं भी बैठने की जगह नहीं है। जगह-जगह ईंटें और गंदगी पड़ी हुई है। पार्क के हालात बताते हैं कि यहां वर्षों से सफाई नहीं हुई है। पार्क में पड़ोस के लोगों ने घर की बेकार चीजों को एकत्रित कर रखा है।
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आवास विकास सेक्टर एक
कहने के लिए आवास विकास पॉश कालोनी है, लेकिन यहां सेक्टर एक में बना पार्क लोगों के लिए कूड़ाघर बन गया है। लोग इसी पार्क में अपने जानवर बांधते हैं और घरों से निकलने वाला कूड़ा भी इसी पार्क में डाला जाता है। इससे यह पार्क लोगों के बैठने या टहलने के स्थान पर जानवर घर और कूड़ा घर बन गया है।

आवास विकास सेक्टर तीन
यहां स्थित पार्क पर कोई और नहीं, बल्कि ठेकेदार कब्जा कर रहे हैं। पार्क में लेबर के लिए अस्थाई रूप से झोपड़ियां बना दी गई हैं। जगह-जगह जानवर बांधे जा रहे हैं। खुले में घूमने वाले जानवर भी इसी पार्क में आकर आराम करते हैं। कुल मिलाकर मोहल्ले के लोगों के लिए यहां बैठने और टहलने की तो बात छोड़ो खड़े होने तक की भी जगह नहीं है।
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