मैनपुरी। चुनाव के दौरान ‘हम हैं हमेशा साथ’ का वादा करने वाले बाहरी प्रत्याशियों ने हारने के बाद दोबारा जिले की ओर रुख नहीं किया। वहीं, हर बार जनता का साथ छोड़ा। बाहरी जिलों के रहने वाले इन नेताओं ने लोकसभा का चुनाव कई दलों की टिकट पर लड़ा है। मैनपुरी लोकसभा सीट पर बसपा, कांग्रेस, भाजपा ने दूसरे जिलों के रहने वाले नेताओं पर कई बार दांव लगाया है।
चुनाव के दौरान इन नेताओं ने जनता से ‘हम हैं हमेशा साथ’ का नारा दिया। चुनाव में जब हार मिली तो बाहरी जिलों केे रहने वाले यह नेता मतदाताओं का साथ छोड़कर घरों को लौट गए। मैनपुरी से दिल्ली पहुंचने की उम्मीद लगाए नेताओं की वादाखिलाफी से लोगों का भरोसा उठ चुका है। यह बात अलग है मैनपुरी से नकारे जाने के बाद बाहरी जिले के किसी भी नेता ने चुनाव लड़ने की ही हिम्मत नहीं जुटाई है।