मथुरा के जवाहर बाग प्रकरण की न्यायिक जांच हो रही है।
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कासगंज। एटा और कासगंज की राजनीति में पिछले पांच दशकों से सक्रिय पूर्व मंत्री मानपाल सिंह शुक्रवार को कोई बड़ा राजनीतिक एलान कर सकते हैं। इस समय वे समाजवादी पार्टी में हैं। पार्टी से उनका मोह भंग हो चुका है और वे उपेक्षा के शिकार हैं। हालांकि उन्होंने अपनी रणनीति के बारे में गुरुवार को कोई खुलासा नहीं किया।
पूर्व मंत्री मानपाल सिंह समाजवादी पार्टी की दो सरकारों में माध्यमिक शिक्षा मंत्री और परिवहन राज्यमंत्री रह चुके हैं। इससे पूर्व कांग्रेस की सरकार में भी वे खाद्य रसद, होमगार्ड, जेल के मंत्री भी रह चुके हैं। वे 6 बार विधायक रह चुके हैं। 1974 से उन्होंने अपना राजनीति सफर शुरू किया। वेे पांव बार कासगंज के विधायक चुने गए। एक बार सोरों के विधायक भी रहे। पिछले विधानसभा चुनावों में उन्हें कासगंज विधानसभा से टिकट नहीं दिया गया। वे तभी से नाराज थे। इस बार उन्होंने एटा लोकसभा क्षेत्र के लिए समाजवादी पार्टी का टिकट मांगा, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। सपा ने उन्हें संतुष्ट करने के लिए स्टार प्रचारक बनाया, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं हुए। सपा से उनकी नाराजगी साफ है, लेकिन वे आज प्रेस कांफ्रेंस में अपनी पूरी रणनीति का खुलासा करेंगे।