आगरा में सिटी बस के संविदा चालक, परिचालकों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। जेल भेजे गए चालक, परिचालकों की जमानत के बाद भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटे। तीसरे दिन एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या बढ़ने से आवागमन की दिक्कतें तो नहीं रहीं मगर अधिक किराया लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है। जेनर्म प्रबंधन अब संविदा चालक, परिचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए खाका तैयार कर रहा है।
मंगलवार को गलत ढंग से बस खड़ी करके चौराहे पर जाम लगाने के बाद दो सिटी बसों के चालक, परिचालकों ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता की थी। इसी मामले में जेल भेजे गए चालक, परिचालकों के समर्थन में सिटी बसों के चालक, परिचालकों ने परिचालन ठप कर रखा है। शुक्रवार को तीसरे दिन भी वार्ता का कोई हल नहीं निकल सका।
संविदा कर्मचारी संगठन के नेताओं की मांग है कि चालान होने पर विभाग उसका जुर्माना भरे। साथ ही एत्माद्दौला में केके अरेला और योगेंद्रपाल पर दर्ज मुकदमे को वापस लिया जाए। जेनर्म प्रबंधन ने शर्तें मानने से इनकार कर दिया। दोपहर बाद जेनर्म प्रबंधन के अधिकारियों ने दीवानी कचहरी में जेल भेजे गए कर्मचारियों की जमानत के लिए सहयोग किया। इसके बाद चारों कर्मियों को जमानत मिल गई। इसके बाद भी चालक, परिचालकों ने हड़ताल खोलने से इनकार कर दिया।
वैकल्पिक इंतजाम नहीं, भटके यात्री
जेनर्म प्रशासन ने सिटी बसों के नहीं चलने पर सीएनजी बसों के संचालन शुरू कराने की बात कही थी, लेकिन तीन दिन बाद भी वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए गए हैं। इस कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिला प्रशासन ने भी अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है।
काम पर नहीं लौटे तो होगी कार्रवाई
महानगर बस सेवा प्रबंधन के एमडी आरबीएल शर्मा का कहना है कि अब कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मानमनौव्वल हो चुका है। अब किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।