गोवर्धन (मथुरा)। जतीपुरा में करोड़ों रुपये की लागत से बने संग्रहालय में शोध ग्रंथ, शृंगार, सांझी लीला, प्राचीन भारतीय कला, साहित्य इतिहास, ब्रज सांस्कृतिक सामग्रियों एवं वैष्णव कुल के भोग, शृंगार दर्शन आदि हजारों विधाओं को संजोया गया है। पुष्टिकला स्वरूप दर्शन संग्रहालय का शुभारंभ शनिवार को शरद गोस्वामी, अनिरुद्ध गोस्वामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
संग्रहालय में पांच हजार वर्ष पुरानी सांझी कला और शृंगार पद्धति को देशी-विदेशी भक्तों ने निहारा। भजन गायिका सरिता जोशी के भजनों पर भक्त थिरकते हुए दिखाई दिए। शरद गोस्वामी ने बताया कि सर्वप्रथम भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज मेें विभिन्न प्रकार की बाल लीलाएं की हैं। इसलिए ब्रज में सर्वप्रथम संग्रहालय बनाया है। अगर सरकार का सहयोग मिला तो संग्रहालय को बड़ा और भव्यता से संजोया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रथमेश महाराज कोटा, रणछोड़ राय महाराज, मुनमुन व्यास, सरिता जोशी, दिलीप मिरानी, मीतालीसा, सौरभ शर्मा, घनश्याम लाल, डॉ. विनोद दीक्षित आदि थे।