मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा को ही प्रदेश सरकार भूल गई। छह माह पहले वेटरनेरी विश्वविद्यालय मथुरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो नए कालेजों की शुरुआत इसी सत्र से करने की घोषणा की थी, लेकिन शासन ने इस पर अमल ही नहीं किया।
फरवरी में मथुरा आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेटरनेरी विवि कैंपस में पंडित दीनदयाल की प्रतिमा के अनावरण समारोह में दो नए कालेजों को यहां शुरू करने की घोषणा की थी। कहा था कि कालेज ऑफ फिसरीज और कालेज ऑफ डेयरी साइंस इसी सत्र से शुरू होंगे। इस दौरान राज्यपाल राम नाईक और पशुधन मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल भी मौजूद थे।
दरअसल इन कालेजों के भवन सपा सरकार विश्वविद्यालय कैंपस में बनवा चुकी है। अब तो इनके संचालन के लिए पद और बजट जारी करना है। मुख्यमंत्री की घोषणा पर फरवरी में मुख्यमंत्री कार्यालय और पशुधन विभाग ने सक्रियता दिखाई। कालेजों के प्रस्ताव मांगे गए, लेकिन चंद दिनों की सक्रियता के बाद सब कुछ ठंडे बस्ते मेें पड़ गया। अब छह माह बीत चुके हैं, लेकिन सरकार मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल नहीं कर सकी है।
डिप्लोमा छात्रों को भी दिया था भरोसा
इसी समारोह में विभागीय मंत्री प्रो. बघेल ने यूनिवर्सिटी के डिप्लोमा छात्रों को भी प्रदेश के नियुक्ति एक्ट में संशोधन का भरोसा दिया था, लेकिन ये भरोसा भी टूटता नजर आ रहा है। यही कारण है कि अब छात्र डिप्लोमा कोर्सेज में एडमिशन को तैयार नहीं हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप शासन ने दोनों कालेजों का प्रस्ताव मांगा था, जो कई माह पहले भेजा जा चुका है। अब अनुमति सरकार को देनी है। कालेजों के भवन कई वर्षों से खाली पड़े हैं।
-प्रो. केएमएल पाठक, कुलपति यूपी वेटरनेरी विवि, मथुरा