रेलवे का 22 घंटे तक सरवर डाउन रहने से यात्रियों को काफी दिक्क्तें हो गई। सरवर डाउन होने से रेलवे स्टेशन पर लगी एटीवीएम मशीन शोपीस बन गई। निजी टिकट घरों में भी काम ठप हो गया। रेलवे के टिकट घर पर टिकट खरीदने को यात्रियों में मारामारी की स्थिति बन गई। टिकट न खरीद पाने से कई यात्रियों की ट्रेन तक छुट गई तो कई यात्री बिना टिकट लिए ही ट्रेन में चढ़ गए।
रेलवे का सरवर गुरुवार को सांय 4 बजे डाउन होने से टिकटों का वितरण बंद हो गया। इस कारण जंक्शन के टिकट घर परिसर में ही चार एटीवीएम मशीनों से भी टिकट नहीं निकली। सरवर का लिंक शुक्रवार को दोपहर लगभग 2:25 बजे चालू हुआ। इस अवधि में 18 ट्रेनों का संचालन होता है। सबसे अधिक दिक्कतें शुक्रवार को सुबह 11 बजे से 12:20 बजे तक की अवधि में यात्रियों को हुई।
प्रतिदिन तीन ट्रेनों का संचालन होता है। सुबह 11. 55 बजे बरेली, दोपहर 12.10 बजे मथुरा, 12.20 बजे कानपुर के लिए ट्रेन जाती है। भीड़ से बचने के लिए काफी संख्या में यात्री निजी टिकट घर से अपनी टिकट खरीद लेते हैं। निजी टिकट घर व एटीवीएम मशीन के बंद हो जाने से इन ट्रेनों की भीड़ का दबाव जंक्शन की तीन बिंडों पर आ गया। बिंडों पर लंबी कतारें लग गई। यहां तक कि भीड़ की लाइनें टिकट घर परिसर के बाहर तक लग गई। यात्रियों को टिकट लेने में काफी असुविधा हो गई। कई यात्री तो टिकट तक नहीं खरीद सके और उनकी ट्रेन तक छूट गई।
रेलवे ने नहीं खोली अतिरिक्त बिंडो
कासगंज। रेलवे स्टेशन पर आम दिनों में तीन बिंडो ही रेलवे संचालित करता है। स्टेशन पर एक अतिरिक्त बिंडो खोले जाने के लिए स्थान भी है, लेकिन भीड़ के दबाव के बाद भी रेलवे ने अतिरिक्त बिंडों नही खोली। जिससे भी यात्रियों को दिक्कतें हुई।
कानपुर जाना था। टिकट न मिलने से ट्रेन छूट गई। अब दूसरी ट्रेन का इंतजार किया, वह भी छूट गई। राकेश कुमार यात्री
सरवर के डाउन होने की समस्या आए दिन सामने आती रहती है, जिससे निजी टिकट संचालकों को काफी दिक्कत हो जाती है। उनकी आय पर इसका असर पड़ता है। मनोज कुमार निजी टिकट संचालक
गुुुरुवार को सांय 4 बजे सरवर डाउन हो गया। जो शुक्रवार को दोपहर 2:25 बजे चालू हुआ। इतनी देर तक सरवर डाउन रहने से टिकटों की बिक्री प्रभावित हो गई। उत्कर्ष सक्ेसना, निजी टिकट घर संचालक
लिंक की समस्या हो जाने से निजी टिकट घर व एटीवीएम मशीन से टिकट का वितरण नहीं हो सका। आपी सिंह स्टेशन अधीक्षक