एटा। ग्रामीण खंड के 81 हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं के लिए एंड्रायड बिलिंग की सुविधा शुरू हो गई है। अब ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली के बिल के लिए परेशान नहीं होगा। अब गांव में भी घर-घर मीटर रीडर पहुंचेगा और मीटर देखकर तत्काल बिल मुहैया कराएगा। यह जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों ने 64 मीटर रीडर को सौंपी है।
अब विद्युत उपभोक्ताओं को बिल न मिलने की शिकायतें नहीं होंगीं। विद्युत वितरण निगम ने ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए हाईटेक एंड्रायड बिलिंग की सुविधा शुरू की है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने बिलिंग की जिम्मेदारी निजी कंपनी को सौंपी है।
इसके लिए 64 मीटर रीडर ग्रामीण अंचल में द्वार-द्वार पहुंचकर उपभोक्ताओं को बिल उपलब्ध करा रहे हैं। एक मीटर रीडर को 1200 से लेकर 1500 तक उपभोक्ताओं के बिल जनरेट करने की जिम्मेदारी दी गई है। मीटर रीडर के पास डीवीवीएनएल सॉफ्टवेयर वाले एंड्रायड मोबाइल के साथ एक मिनी प्रिंटर भी है, जो लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड डालते ही काम करना शुरू कर देता है।
क्या है एंड्रायड बिलिंग?
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) द्वारा बनाया गया विशेष साफ्टवेयर, जो किसी भी एंड्रायड मोबाइल में डाउनलोड किया जा सकता है। लॉगिन आईडी और पासवर्ड से आपरेट होने वाला साफ्टवेयर द्वारा कुछ सेकंड में ही उपभोक्ता का बिल जनरेट किया जा सकता है।
एंड्रायड बिलिंग के सर्किल मैनेजर इंजीनियर प्रेम राठौर के अनुसार सॉफ्टवेयर में कनेक्शन नंबर डालते ही उपभोक्ता का नाम और पता आ जाता है। मीटर का फोटो लेते ही बिल बन जाता है, जिसे तुरंत ही प्रिंटर से निकाला जा सकता है। यह सुविधा एटा और जलेसर के 33 हजार उपभोक्ताओं को छोड़कर जिले के 81 हजार उपभोक्ताओं को मिलना शुरू हो गई है।
ई-पेमेंट की भी सुविधा
विद्युत बिल भुगतान ऑनलाइन भी किया जा सकता है। ग्रामीण अंचल के उपभोक्ताओं के लिए कई मोबाइल कलेक्शन सेंटर (चलित संग्रह केंद्र) भी बना दिए हैं। इनमें पिलुआ, मिरहची, निधौलीकलां, मारहरा, अवागढ़, जलेसर देहात, जैथरा, राजा का रामपुर, अलीगंज, सकीट, मलावन आदि प्रमुख हैं।