मथुरा। प्रदेश के अतिसंवेदनशील जनपदों में शामिल मथुरा के जिला कारागार में बंद कैदियों की टीबी की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही नारी निकेतन और बाल संप्रेक्षण केंद्र में भी इसकी जांच का फैसला किया गया है। इसके लिए चिकित्सकीय टीम गठित होने जा रही है।
मथुरा जनपद टीबी की बीमारी को लेकर प्रदेश के 25 अतिसंवेदनशील जनपदों में शामिल है, जहां इन मरीजों की संख्या तेजी के साथ सामने आ रही है। इसमें उन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जहां रह रहे लोगों को टीबी हो सकती है। इसी संभावना पर विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कैदियों की भी जांच का फैसला किया गया है। मथुरा जिला कारागार में 1700 से ज्यादा कैदी हैं। इनमें से किसी को टीबी की बीमारी तो नहीं है, उसके लिए जल्द ही जिला कारागार में सैंपल एकत्रित करने का काम शुरू होने जा रहा है। इसके लिए टीम गठन की जा रही हैं।
टीबी की जांच के लिए यही प्रक्रिया नारी निकेतन और बाल संप्रेक्षण केंद्र में रहने वाली महिला और किशोरों के लिए भी अपनाई जाएगी। नारी निकेतन में करीब 45 महिलाएं और किशोरी हैं। इन सभी के सैंपल एकत्रित किए जाएंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रवींद्र गुप्ता ने बताया कि जिला कारागार, नारी निकेतन, बाल संप्रेक्षण केंद्र में रहने वालों की जांच टीबी की दृष्टि से की जाएगी।