मैनपुरी। इमरजेंसी रोस्टिंग से गुरुवार की रात भी पूरे जिले में दो घंटे बत्ती गुल रही। दो दिन से लगातार हो रही इमरजेंसी रोस्टिंग से लोग परेशान हुए। रात 10 बजे गायब हुई बिजली रात 12 बजे के बाद ही चालू की गई। रोस्टिंग का समय समाप्त होने के बाद ही लोगों को बिजली की आपूर्ति मिली।
गुरुवार की रात भी 10 बजे इमरजेंसी रोस्टिंग की वजह से जिलेभर की बिजली आपूर्ति बंद की गई। बुधवार की रात भी इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर रात 10 बजे से रात 12 बजे तक बिजली कटौती की गयी थी। रोस्टिंग के चलते हुयी कटौती से लोग गर्मी के चलते परेशान रहे। अधिशासी अभियंता एससी शर्मा ने बताया इमरजेंसी रोस्टिंग की लखनऊ से सूचना दी जाती है। लखनऊ से ही रोस्टिंग का समय तय किया जाता है। रोस्टिंग का समय समाप्त होते ही बिजली आपूर्ति चालू की जाती है।
अभियान के तहत विभाग की टीमों ने बिजली चोरी पर सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पांच लोगों के कनेक्शन काटे गए हैं। विभाग की टीमों ने थाना कोतवाली क्षेत्र के भोजपुरा, खरपरी, केलनपुर, थाना बरनाहल क्षेत्र के दिहुली, सोंथरा, चंदपुरा, ऐमाहसन नगर में बिजली चेकिंग की।
बिजली चोरी पर थाना कोतवाली में 4, थाना बरनाहल में 3 के खिलाफ बिजली चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बिजली का बकाया बिल जमा नहीं होने पर पांच लोगों के कनेक्शन काटे हैं। बकाया बिजली बिल का 65 हजार रुपये उपभोक्ताओं से वसूल किया है।
शासन ने देहात में रोस्टर के हिसाब से बिजली देने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारी और अधिकारियों की मनमानी से रोस्टर का महत्व ही समाप्त हो गया है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी, इसका किसी को भी पता ही नहीं चलता है। लोकेंद्र शाक्य का कहना है योगी सरकार तो खोखले वादे कर रही है, जो सरकार बिजली नहीं दे सकती वह और क्या करेगी। गर्मी में कटौती से आम आदमी परेशान है।
कोतवाल सिंह शाक्य का कहना है बिजली आने जाने का कोई समय नहीं है। बिजलीघर पर कोई भी कर्मचारी फोन रिसीव नहीं करते हैं। शिवरतन सिंह, अजयपाल सिंह, संदीप कुमार, धीरज शाक्य, अखंडप्रताप सिंह आदि ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन भेजकर बिजली व्यवस्था सही कराने की मांग की है।