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पुलिस के हाथ लगे साक्ष्य, बीसी किंग निकला संजी

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संजीव गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला
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टूंडला एवं थाना दक्षिण पुलिस ने संजीव को पुलिस रिमांड पर लेने को लगाई अर्जी, सुनवाई आज अमर उजाला ब्यूरो
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फिरोजाबाद। अपहरण का ड्रामा रचने वाला संजीव गुप्ता बीसी का बड़ा संचालक है। इसके साक्ष्य टूंडला पुलिस के हाथ लग गए हैं। टूंडला पुलिस ने संजीव पर धाराओं को बढ़ाने के साथ ही पुलिस रिमांड पर लेने को सीजेएम कोर्ट में अर्जी लगाई है। शुक्रवार को इसकी सुनवाई होगी। संजीव के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी लगाई है। इस पर भी सुनवाई आज ही होगी।

संजीव गुप्ता ने अपने अपहरण का ड्रामा करके आगरा रेंज एवं प्रदेश की पुलिस को खूब छकाया था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए संजीव, उसकी पत्नी सारिका और साले सागर गुप्ता, मास्टरमाइंड विकल्प गुप्ता को जेल भेज दिया था। संजीव गुप्ता बीसी चलाने का कारोबार करता है इसे खुद एसएसपी अजय कुमार ने ही स्पष्ट कर दिया था। वहीं, संजीव ने बीसी चलाने से इंकार करते हुए किटी चलाने की बात कही थी।
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टूंडला पुलिस की विवेचना में ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो बताते हैं कि संजीव बीसी का बड़ा संचालक है। प्रभारी निरीक्षक टूंडला भानु प्रताप सिंह ने बताया कि संजीव के बीसी किंग होने के साक्ष्य मिले हैं। अपहरण के ड्रामे में उसने अपनी सिम एवं मोबाइल फोन को रास्ते में फेंकने की धारा 201, फर्जी साक्ष्य बनाकर हर किसी को गुमराह करने पर धारा 193, 195 को बढ़ाया गया है। मामले में गहनता से पूछताछ करने के लिए उसे पुलिस रिमांड पर लेने को सीजेएम कोर्ट में अर्जी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि इसपर सुनवाई 11 अगस्त को होगी। उधर नीता पांडेय की ओर से दर्ज रिपोर्ट की जांच कर रहे प्रभारी निरीक्षक दक्षिण देवेंद्र शंकर पांडेय ने कहा कि संजीव से पूछताछ करने को पुलिस रिमांड पर लेने की अर्जी सीजेएम कोर्ट में लगाई गई है। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ होगी।
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तो क्या जेल से चल रहा है कोई खेल...
चर्चा है कि संजीव के बीसी के खेल में शामिल आगरा रहने वाला संजीव का एक मित्र लगातार सक्रिय है। आगरा निवासी यह मित्र संजीव से जेल जाकर तीन बार मुलाकात भी कर चुका है। सूत्र बताते हैं कि संजीव का इस मित्र के साथ एक पर्ची का भी आदान प्रदान हुआ है। चर्चा है कि संजीव पर आगरा निवासी मित्र का भी काफी पैसा है। वह जेल में अभी उनके किसी भी साझीदार ने मुलाकात नहीं की है। वहीं, आगरा निवासी मित्र का संजीव से बार-बार मिलना चर्चाओं में है। कयास है कि संजीव जेल के अंदर से तो खेल नहीं खेल रहा। पिछले दिनों भी संजीव द्वारा मिलाई करने पहुंचे एक व्यक्ति को पर्ची देने की चर्चा सामने आई थी।
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