एआरटी लिंकेज सिस्टम के बाबत जानकारी देते जिला अस्पताल के आईसीटीसी के परामर्शदाता प्रहलाद सिंह गौड़।
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एटा। यदि आप डाकघर में किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत पत्र और आरडी खुलवाने जा रहे हैं, तो रुक जाइए। डाक विभाग ने तीनों योजनाओं में नए खातों को खोलने पर रोक लगा दी है। विभाग के सर्वर पर नई ब्याज दर अपडेट नहीं होने से मुश्किल हो रही है। इसके चलते विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
दरअसल, डाक विभाग में लघु बचत योजनाएं संचालित होती हैं। विगत दिनों आहूत बैठक में विभाग ने सभी लघु बचत योजनाओं पर 0.1 फीसद ब्याज दर घटा दी है। इसके चलते किसान विकास पत्र, आरडी और राष्ट्रीय बचत पत्र की ब्याज दर कम हो गई। इसके बाद जुलाई महीने में ग्राहक लघु बचत योजनाओं में निवेश करने पहुंचे, तो विभाग के सिस्टम ने आवेदन को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बताया जाता है कि विभाग के सेंट्रल सर्वर यानि डीएमसीसी (डाटा माइग्रेशन कमांड सेंटर) चेन्नई मेें नई ब्याज दर समय से अपडेशन नहीं हो सका है। कंप्यूटर पर आवेदन करने के बाद ब्याज दर अपडेट न होने के चलते बार-बार संदेश आ रहा है कि संशोधित ब्याज दर नहीं होने से आवेदन नहीं किया जा सकता। इसके चलते डाकघरों से निवेशकों को मायूस लौटना पड़ रहा है। डाक विभाग ने भी सभी डाकघरों के अधिकारियों को पत्र जारी कर सेवाओं पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं कर्मचारियों को भी ब्याज दर के कब तक अपडेट होने की जानकारी नहीं है। डाक अधीक्षक एसआर दुबे कहते हैं कि अभी तीनों बचत योजनाओं पर रोक लगा दी गई है। यह कब तक शुरू होगा? कुछ कह नहीं सकते। यह दिक्कत स्थानीय नहीं बल्कि देश भर की है। इसे लेकर डिवीजनल और सर्किल आफिस से संपर्क साधा जा रहा है। वहीं उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आरडी पहले से संचालित है, रोक उन पर लागू नहीं हो रही है। नए खाते खोले जाने पर रोक लगाई है।
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कहते हैैं आंकड़े
20 लाख रुपये का हो रहा प्रतिदिन नुकसान
600 से ज्यादा डाकघर हैं जिले में
0.1 फीसद घटाई गई है ब्याज दर
01 जुलाई से होना था ब्याज दर में परिवर्तन