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अपह्रत किशोर की हत्या, तीन गिरफ्तार

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अपहृत किशोर की हत्या, तीन गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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सोरों (कासगंज)।
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40 लाख रुपये की फिरौती नहीं मिलने पर 16 दिन पहले अगवा किशोर की हत्या कर दी गई। पुलिस ने किरायेदार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर क्षत-विक्षत शव बरामद किया। खुलासे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने कोतवाली के सामने जाम लगा दिया जिसे पुलिस अफसरों ने समझा-बुझाकर कुछ ही देर में खुलवा दिया।

कस्बे के मोहल्ला कटरा निवासी सिंचाई विभाग के रिटायर्ड अभियंता कुंवरपाल का पुत्र दिलीप (16) 14 जून को अपनी दुकानों के किरायेदार युवक तनुज उर्फ तन्नु ठाकुर पुत्र संतोष राठौर और प्रवीन ठाकुर पुत्र यशपाल के साथ हरिपदी घूमने गया था। घर नहीं लौटने पर परिजनों ने 15 जून को दिलीप के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तफ्तीश के बाद वारदात में शामिल तनुज, प्रवीन ठाकुर और विकास पुत्र राजीव शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। उनका एक साथी बरकुला निवासी सोनू यादव अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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पूछताछ के दौरान तनुज ने बताया कि वे दिलीप को नदरई झाल का पुल दिखाने ले गए। वहां वहां प्रवीन ठाकुर ने बरकुला निवासी सोनू यादव को बाइक लेकर बुला लिया। नदरई पुल से चारों अपहरणकर्ता दिलीप को बरकुला गांव लेकर पहुंचे। जहां उसको बंधक बनाकर रखा गया। अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होते ही घबराए अपहरणकर्ताओं ने दिलीप की गला दबाकर हत्या कर दी और नगला काशी के जंगल में गढ्डा खोदकर उसका शव दफना दिया।

किशोर की हत्या करने के बाद 16 जून को किशोर के परिवारीजनों से 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी और कहा कि दुबारा फोन करके स्थान बताया जाएगा। पुलिस ने तफ्तीश के बाद तीन को गिरफ्तार कर लिया जबकि सोनू की तलाश में दबिश दी। आरोपियाें की निशानदेही पर नगला काशी से जेसीबी से खुदाई करके क्षत विक्षत शव बरामद किया। दिलीप की हत्या और शव मिलने की खबर कस्बे में फैली तो परिजन और ग्रामीण कोतवाली पहुंच गए। यहां लोगों ने कोतवाली के सामने जाम लगा दिया। थोड़ी देर बाद पुलिस व लोगों ने समझा बुझाकर जाम खुलवाया।
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‘पुलिस पूरे मामले की सघनता से जांच कर रही है। पकडे़ गए लोगों के साथ अन्य लोगाें भी इसमें शामिल रहे हैं। जो अपहरणकर्ताओं को गतिविधियां लीक कर रहे थे। दिलीप की हत्या फिरौती मांगने से एक दिन पहले ही हो चुकी थी। इस पूरे प्रकरण में अपहरणकर्ताओं के साथ और कौन शामिल था। इसकी जांच की जा रही है।’
शैलेंद्र लाल, सीओ कासगंज
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