बीस साल पुराने मामलों में 82 गवाहों को मिलेगी सुरक्षा
- मुकदमा निस्तारण के लिए पुलिस को दी गई जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। मिशन कनविक्शन केे तहत 20 साल पुराने गंभीर अपराध के मुकदमों के 82 गवाहों को गवाही के लिए सुरक्षा मिलेगी। घर से गवाही के लिए पुलिस उनको अदालत तक लाएगी। गवाही के बाद पुलिस सुरक्षा मेें ही उनको घर तक भेजा जाएगा।
गंभीर अपराधों में गवाह अदालत में हर हाल में गवाही दे सकें। इसके लिए साक्षी सुरक्षा योजना के तहत व्यवस्था की गई है। 20 साल पुराने लंबित मुकदमों को चिन्हित किया गया है। गंभीर अपराधों में गवाह बिना किसी डर के अदालत में गवाही दे सकें। इसकेे लिए योजना तैयार की गई है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद गंभीर अपराधों में सजा का प्रतिशत बढ़ाने केे लिए काम होगा। सजा का प्रतिशत बढ़ाने के लिए गंभीर अपराध के गवाहों को सुरक्षा देने की योजना बनाई गई है। अदालत में गवाह बिना भय के गवाही दे सकें इसके लिए पुलिस को जिम्मेदारी दी गई है। गंभीर अपराध वाले मुकदमों में गवाहों को पुलिस सुरक्षा देगी।
यह मुकदमे किए गए शामिल
साक्षी सुरक्षा योजना के तहत गंभीर अपराध के मुकदमे के गवाहों को वरीयता दी गई है। हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, लूट, डकैती केे मुकदमे के गवाहों को पुलिस सुरक्षा दी जाएगी। गवाहों के रहने वाले स्थान के थानाध्यक्ष गवाहों को सुरक्षा देंगे। अगर किसी अन्य मुकदमे के गवाह गवाही देने के लिए सुरक्षा मांगेंगे तो उनको भी सुरक्षा दी जाएगी।
तय तारीख पर कराई जाएगी गवाही
गंभीर अपराध के मुकदमे में तय तारीख पर ही गवाही कराई जाएगी। गवाह बिना गवाही दिए वापस नहीं लौैटे इसके लिए साक्षी सुरक्षा योजना केे तहत काम होगा। पुलिस सुरक्षा में आने वाले गवाह की तय तारीख पर ही गवाही कराने पर जोर रहेगा।
साक्षी सुरक्षा योजना केे तहत गवाह तय तारीख पर गवाही दें, इसके लिए सभी सरकारी वकीलों को हिदायत दी गई है। गवाही के लिए सुरक्षा मांगने वाले गवाहों के संबंध में सूची देने को सरकारी वकीलों से कहा गया है। पुलिस सुरक्षा में आने वाले गवाहों की उसी दिन गवाही कराई जाएगी।
वीरेंद्र कुमार मिश्रा, डीजीसी फौजदारी