फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंकों की हड़ताल, भटके लोग, एटीएम कैशलेस

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। बैंकों की हड़ताल से जिले की अर्थव्यवस्था चरमरा गई। करोड़ों का लेनदेन न होने के चलते व्यापारियों से लेकर सामान्य व्यक्ति तक सबको परेशानी हुई। दिनभर रुपये के लिए लोग भटकते रहे, लेकिन कहीं भी उन्हें रुपये नहीं मिल सके। वहीं दूसरी ओर बैंक कर्मचारियों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन


मांगों को लेकर शुक्रवार को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर थे। सुबह दस बजे बैंकों में ग्राहक पहुंचना शुरू हो गए थे। जब काफी देर तक बैंक का ताला ही नहीं खुला तो उन्हें पता चला कि बैंकों की तो हड़ताल है। जिलेभर की बैंकों में दिनभर ताला लटका रहा है। इससे लगभग 60 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। न तो मंडी में किसानों को भुगतान हो सका और न ही अन्य कार्य। रुपयों की जरूरत के लिए लोग यहां से वहां भटकते रहे। सबसे परेशानी की बात तो ये रही कि बैंकों के साथ-साथ एटीएम भी बंद रहे। इससे लोगों को जरूरत भर के रुपये भी नहीं मिल सके।

बैंक कर्मचारी संशोधित वेतन जारी करने, सप्ताह में पांच कार्यदिवस स्वीकृत करने के साथ ही अन्य मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। उन्होंने अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ के बैनर तले बैंक ऑफ इंडिया, घंटाघर रोड पर प्रदर्शन किया। शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ इंडिया जगन्नाथ साहू ने बताया कि 26 दिसंबर को भी सभी बैंक कर्मचारी हड़ताल कर अपने हक के लिए प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन


दो दिन और बढ़ेंगी लोगों की मुश्किलें
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल तो एक दिवसीय थी, लेकिन लोगों की मुश्किलें अभी कम नहीं होंगी। 22 दिसंबर को चौथे शनिवार का अवकाश है, तो वहीं 23 दिसंबर को रविवार है। इसके बाद सोमवार को एक दिन के लिए बैंक खुलेंगी। वहीं 25 दिसंबर को क्रिसमस डे व 26 दिसंबर को फिर से हड़ताल है। ऐसे में एक सप्ताह तक रुपये के लिए परेशानी होगी।

अपनों को नहीं भेज पाए रुपये
बैंक आने वाले कई लोग ऐसे थे जो परदेस में रहने वाले अपनों को रुपये भेजने आए थे। इन लोगों को भी बिना रुपये भेजे ही वापस लौटना पड़ा। उनका कहना था कि उन्हें रुपये भेजना बहुत जरूरी था, लेकिन बैंक की हड़ताल ने मुश्किल खड़ी कर दी है।

बैंकों की हड़ताल से लगभग 60 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। सोमवार को ही अब बैंकों में लेनदेन होगा। ऐसी असुविधा से बचने के लिए लोगों को डिजिटल बैंकिंग पर ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन

नेकराम, अग्रणी जिला प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया

लोगों ने बयां की परेशानी
बैंक की ओर से हड़ताल का कोई नोटिस या सूचना जारी नहीं की गई थी। अगर ऐसा हो जाता तो लोग पहले ही बैंक से जुड़े अपने सारे कामकाज निपटा लेते।
संजय कुमार
हड़ताल के चलते बैंकों में काम नहीं हुआ, वहीं एटीएम भी बंद रहे। आखिर बैंक कर्मचारी अपने हक के लिए लड़ रहे हैं या जनता को परेशान करने के लिए।
राजीव कश्यप।
अगर आज हड़ताल थी तो शनिवार को बैंक खुलनी चाहिए थी। ये तो जनता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसे लोगों का रुख प्राइवेट बैंकों की तरफ बढ़ेगा।
राजपाल सिंह।
करोड़ों की अर्थव्यवस्था को बैंक के कर्मचारी इस तरह ठप नहीं कर सकते हैं। इससे देश में कितना बड़ा नुकसान हुआ होगा। इसके लिए सरकार को विचार करना चाहिए।
कृष्णकांत मिश्रा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें