मिल ने बेची 15 हजार क्विंटल चीनी
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कासगंज। गन्ना किसानों की मेहनत अब रंग लाने लगी है। बकाया भुगतान के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों को खुशखबरी है। स्वीकृत सहायता राशि में से 65 लाख रुपये की धनराशि शासन ने चीनी मिल के खाते में हस्तांतरित कर दी है। इसके अलावा चीनी मिल अब तक 30 हजार क्विंटल चीनी बिक्री कर चुकी है। इस धनराशि से किसानों के बकाये का भुगतान किया जा रहा है।
न्यौली चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 40 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है। भुगतान के लिए गन्ना विभाग ने प्रयास किए, लेकिन वर्ष 2017 के गन्ना किसानों का भुगतान नहीं मिल सका। इस बीच प्रदेश सरकार ने सॉफ्ट लोन योजना के तहत चीनी मिल को 35 करोड़ रुपये देने की स्वीकृति दी। हालांकि भुगतान अभी तक नहीं हो सका। इसके अलावा 1 करोड़ 21 लाख रुपये सहायता राशि के रूप में देने की स्वीकृति दी। सहायता राशि की एवज 65 लाख रुपये शासन ने चीनी मिल को दे दिए हैं। चीनी मिल धनराशि से गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान कर रही है। यह धनराशि साढ़े चार रुपये क्विंटल की दर से किसानों के खाते में भेजी जा रही है। अन्य बकाये का भुगतान सॉफ्ट लोन की धनराशि मिलने के बाद ही किसानों को मिल सकता है। इधर चीनी मिल अभी तक 30 हजार क्विंटल चीनी प्रशासन की स्वीकृति पर बिक्री कर चुकी है। बिक्री की धनराशि से भी बकाये का भुगतान किया जा रहा है।
सॉफ्ट लोन जल्द मिलने के संकेत
कासगंज। चीनी मिल के लिए सॉफ्ट लोन योजना के तहत स्वीकृत 35 करोड़ रुपये जल्द मिलने के संकेत शासन से मिले हैं। नोडल अधिकारी की रिपोर्ट के बाद शासन ने नवंबर माह में ही भुगतान देने का संकेत दिया तो गन्ना विभाग और चीनी मिल ने राहत महसूस की है। सॉफ्ट लोन मिलने पर किसानों का बकाया भुगतान हो जाएगा।
- स्वीकृत सहायता राशि के तहत 65 लाख रुपये मिले हैं। चीनी मिल सहायता राशि से साढ़े 4 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बकाये का भुगतान करेगी। सॉफ्ट लोन योजना के तहत जल्द धनराशि मिलने की संभावना है।
ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।